Motihari: सकर माऊथ कैटफिश बूढ़ी गंडक नदी के छारन से मिली

आमेजन नदी में पायी जाने वाली सकर माऊथ कैटफिश मछली बूढ़ी गंडक नदी के छारन में मिली है.

Motihari :मधुबन.अमेरिका के आमेजन नदी में पायी जाने वाली सकर माऊथ कैटफिश मछली बूढ़ी गंडक नदी के छारन में मछली मारने के दौरान बच्चों को हाथ लगी है.मछली की खूबसूरती व बनावट देखकर बच्चे गांव में लेकर आये है.जो चर्चा का विषय बना हुआ है.ग्रामीण विद्यालाल कुमार ने बताया कि गांव के छोटे-छोटे बच्चे मछली पकड़ने गये थे.उन्हीं बच्चों को यह मछली मिली है.जिसे बाल्टी में डालकर रखा गया है.

सुगौली व झरोखर में मिल चुकी है मछली

यह मछली पूर्व में 10 जुलाई 2024 को सुगौली में सिकरहना नदी में मिली थी.जो चर्चा का विषय बना था.जिसके बाद इस प्रजाति को बारे में लोगों को जानकारी मिली थी.जबकि 19 मार्च 2025 को झरोखर थाना क्षेत्र के पास नो मेंस लैंड से होकर गुजरने वाली अरूणा नदी से मछुआरों ने पांच सकर माउथ कैटफिश को पकड़ा था.इस तरह की मांसाहारी मछली इलाके प्रमुख नदियों में लगातार मिलने नदियों के इकोसिस्टम(पारिस्थितिकी तंत्र) खतरा मंडराने लगा है.आखिर अमेरिकन मछली जो मांसाहारी स्वाभाव की होती है.पूर्वी चम्पारण के अलग-अलग नदियों में इस तरह की मछली मिलना चिंता का विषय है.

बेस्वाद होती है सकर माऊथ कैटफिश

सकर माऊथ कैटफिश खुद बेस्वाद मछली होती है.जिस जगह पर यह पायी जाती है.उस नदी की दूसरी जीवों को पनपने नहीं देती है.अपने हर छोटी-छोटी जीवों को खाकर जिंदा रहती है.यह मछली 30 घंटे भी पानी के जिंदा रह सकती है.

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Published by: Satendra prasad sat

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