Motihari News: सरकारी विद्यालयों में अब विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक संवेदनाओं को मजबूत करने के लिए विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा. इस संबंध में राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के निदेशक यतेन्द्र कुमार पाल ने सभी विद्यालयों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
यह पहल भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (विद्यालयी शिक्षा एवं साक्षरता विभाग) के निर्देशों के तहत शुरू की जा रही है.
दादा-दादी और नाना-नानी बनेंगे स्कूल कार्यक्रमों का हिस्सा
नई व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय पर्व, बाल दिवस, अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर विद्यार्थियों के दादा-दादी, नाना-नानी तथा अन्य वरिष्ठ नागरिकों को विद्यालय के कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाएगा.
इसका उद्देश्य बच्चों और बुजुर्गों के बीच संवाद बढ़ाना तथा सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करना है.
संवाद, पदयात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आयोजित
विद्यालयों में विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों के बीच संवाद सत्र, जागरूकता कार्यक्रम, पदयात्रा और प्रेरणादायी सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा.
इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा.
स्कूलों को भेजनी होगी रिपोर्ट
SCERT के निदेशक ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि आयोजित गतिविधियों की रिपोर्ट और तस्वीरें संकलित कर परिषद कार्यालय को भेजी जाएं.
डीईओ ने दिए कार्रवाई के संकेत
जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी ने बताया कि विभाग से प्राप्त निर्देशों के आलोक में जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
