बिहार शिक्षा विभाग: मोतिहारी जिले में शिक्षकों की सेवा-पुस्तिका के संधारण और सुरक्षित रखने में बरती जा रही लापरवाही को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ब्रजेश कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों के लिए कार्यालय आदेश जारी कर मूल सेवा-पुस्तिका की सुरक्षा और अभिरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. समीक्षा के दौरान कई विद्यालयों और प्रखंडों में नियमों की अनदेखी सामने आने के बाद यह आदेश जारी किया गया है.
अब शिक्षक के पास नहीं रहेगी मूल सेवा-पुस्तिका
शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार सभी प्रकार के शिक्षकों की मूल सेवा-पुस्तिका सक्षम प्राधिकारियों की अभिरक्षा में सुरक्षित रखी जाएगी. किसी भी परिस्थिति में मूल सेवा-पुस्तिका शिक्षक के पास नहीं रखी जा सकेगी. विभाग ने अधिकारियों को सेवा-पुस्तिका के संधारण और संरक्षण में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है.
लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई
समीक्षा के दौरान सेवा-पुस्तिकाओं के रख-रखाव में अनियमितता सामने आने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि शिक्षकों की सेवा से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाए और उनके संधारण में किसी तरह की लापरवाही नहीं हो. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
क्यों महत्वपूर्ण है सेवा-पुस्तिका?
शिक्षकों की सेवा-पुस्तिका में नियुक्ति, पदस्थापन, वेतन, सेवा अवधि, अवकाश और अन्य महत्वपूर्ण सेवा संबंधी विवरण दर्ज होते हैं. ऐसे में मूल दस्तावेज की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है. इसके खराब होने, गुम होने या गलत तरीके से संधारण होने की स्थिति में शिक्षक से जुड़े कई प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं.
अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करने का निर्देश
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) की ओर से जारी आदेश के बाद संबंधित प्राधिकारियों को सेवा-पुस्तिकाओं की सुरक्षित अभिरक्षा सुनिश्चित करनी होगी. विभाग का उद्देश्य सेवा संबंधी अभिलेखों को व्यवस्थित रखना और भविष्य में किसी तरह की अनियमितता की स्थिति को रोकना है.
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