संत मोनिका पर्व: मोतिहारी शहर के बरियारपुर स्थित संत फ्रांसिस असीसी चर्च में ईसाई समुदाय द्वारा संत मोनिका का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया. इस धार्मिक उत्सव के अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने संत मोनिका के विचारों और संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया.
संत मोनिका माताओं की संरक्षिका और आदर्श
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चर्च के पल्ली पुरोहित फादर जेरम ने संत मोनिका के जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि संत मोनिका सभी माताओं की संरक्षिका संत हैं, जिनका पूरा जीवन प्रेम, प्रार्थना, असीम सहनशीलता, त्याग और परोपकार के लिए समर्पित रहा.
प्रवचन के मुख्य बिंदु:
- अटूट विश्वास की मिसाल: संत मोनिका के पुत्र संत अगस्टीन शुरुआत में गलत रास्ते पर चले गए थे, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी.
- प्रार्थना से हृदय परिवर्तन: लगातार प्रार्थना, मां के त्याग और अटूट विश्वास के बल पर ही संत अगस्टीन का हृदय परिवर्तन हुआ और वे सन्मार्ग पर लौटे.
- समाज के लिए प्रेरणा: संत मोनिका का आदर्श जीवन आज के आधुनिक युग में भी सभी माताओं के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है.
धार्मिक उत्सव में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
इस गरिमामयी धार्मिक आयोजन में फादर जेरम, फादर जेम्स, फादर पीटर, ऐमलिन और स्टैनली समेत ईसाई समुदाय के कई प्रबुद्ध लोग व श्रद्धालु उपस्थित रहे. सभी ने सामूहिक प्रार्थना कर समाज में शांति और सौहार्द की कामना की.
ये भी पढ़ें: नेपाल के वीरगंज में 100 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तीन भारतीय युवक गिरफ्तार, पूर्णिया के रहने वाले हैं आरोपी
