Motihari: हरिद्वार व प्रयागराज समेत पांच नदियों के जल से होगा कैथवलिया शिवलिंग का महाभिषेक
पूर्वी चंपारण जिले के कैथवलिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर परिसर में विश्व से सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना की तैयारी अंतिम चरण में है.
Motihari: मोतिहारी. पूर्वी चंपारण जिले के कैथवलिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर परिसर में विश्व से सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना की तैयारी अंतिम चरण में है. 17 जनवरी को वैदिक मंत्रोच्चारण व विधि-विधान के साथ शिवलिंग की स्थापना की जाएगी. शिवलिंग की स्थापना के लिए हरिद्वार, प्रयागराज, गंगोत्री, कैलाश मानसरोवर और सोनपुर सहित पांच पवित्र नदियों का जल लाया गया है, जिसका उपयोग शुद्धिकरण और अभिषेक के लिए किया जाएगा,जिससे 1008 शिवलिंग के अभिषेक का पुण्य मिलेगा. देश के अलग अलग क्षेत्रों से दो सौ के करीब पुजारी यहां पहुंच गये हैं. इनमें करीब 30 मुख्य पुजारी हैं. बताया गया है कि यह जलाभिषेक शिवलिंग को पवित्र और ऊर्जित करने के लिए किया जाता है, जो नकारात्मकता को दूर करता है. इधर शिवलिंग की स्थापना को ले पूरे क्षेत्र में एक अलग तरह का उत्साह है. भक्तों का यहां प्रतिदिन जनसैलाब उमड़ रहा है और कड़ी सुरक्षा के बीच तमाम तरह की गतिविधियों को अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है. पूरे इलाके में पुलिस पदाधिकारियों व सुरक्षा के जवानों की प्रतिनियुक्ति की गयी है और किसी तरह की समस्या न हो,विधि व्यवस्था बनी रहे,इसको ध्यान में रखते हुए कई स्तर से एहतियाती कदम उठाये गये हैं.
24 घंटे चल रहा विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य, 400 लोगों को मिल रहा रोजगार
अयोध्या–जनकपुर राम जानकी मार्ग पर स्थित कैथवलिया राजपुर में निर्माणाधीन विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर का कार्य तीव्र गति से चल रहा है. मंदिर निर्माण का दायित्व संभाल रही सिंटेक्स कंपनी द्वारा यहां 24 घंटे लगातार कार्य किया जा रहा है. दिन-रात चल रहे इस निर्माण कार्य ने न केवल धार्मिक आस्था को नई ऊंचाई दी है. बल्कि क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं. सिंटेक्स कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज पाण्डेय ने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य बिना रुके 24 घंटे संचालित किया जा रहा है.ताकि निर्धारित समय में निर्माण को पूरा किया जा सके. उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस प्रोजेक्ट से लगभग 400 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है. इनमें स्थानीय मजदूर, तकनीकी कर्मचारी, मशीन ऑपरेटर और अन्य सहायक स्टाफ शामिल हैं. मंदिर निर्माण से जुड़े इस बड़े प्रोजेक्ट के कारण आसपास के गांवों में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजगार मिलने से उनकी आजीविका में सुधार हुआ है और क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है. विराट रामायण मंदिर न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है.बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास का भी एक मजबूत आधार बनता जा रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
