Motihari News: घोड़ासहन प्रखंड के कई विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी से पठन-पाठन और बच्चों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है. विभागीय पदाधिकारियों को जानकारी दिए जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. एनपीएस कसवा कदमवा एससी टोला इसका उदाहरण है, जहां 156 बच्चे नामांकित हैं और एचएम समेत छह शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन किचेन शेड, पेयजल और उपयोगी शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं.
Ghorasahan News: किचेन शेड नहीं होने से एमडीएम तैयार करने में परेशानी
विद्यालय में किचेन शेड नहीं होने के कारण मध्याह्न भोजन तैयार करने में परेशानी होती है. शिक्षकों के अनुसार भोजन तैयार करने के लिए उपलब्ध संसाधनों का ही इस्तेमाल करना पड़ता है. इससे बच्चों को समय पर एमडीएम उपलब्ध कराने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
जर्जर शौचालय बना परेशानी, झाड़ियों में विषैले सर्प का खतरा
विद्यालय का शौचालय जर्जर स्थिति में है और झाड़ियों से घिरा हुआ है. बताया गया कि यहां विषैले सर्प का बसेरा बना हुआ है. इससे छात्राओं और महिला शिक्षिकाओं को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है. विद्यालय में सुरक्षित और उपयोगी शौचालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है.
चापाकल का हेड चोरी, स्कूल में पेयजल संकट
प्रधानाध्यापक अमिरक राम के अनुसार विद्यालय में पहले चापाकल लगा हुआ था, लेकिन 21 जून 2026 को चापाकल का हेड चोरी हो गया. इसके बाद से विद्यालय में पेयजल की समस्या बनी हुई है. बच्चों और शिक्षकों को पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है.
गैस सिलेंडर और एमडीएम चावल चोरी की भी शिकायत
विद्यालय से गैस सिलेंडर चोरी होने की शिकायत भी आवेदन में की गई है. गैस की व्यवस्था के लिए शिक्षकों को अपने निजी कोष से सिलेंडर की व्यवस्था करनी पड़ रही है. वहीं विद्यालय में 12 बैग चावल चोरी होने की बात भी सामने आई है. इन घटनाओं के कारण विद्यालय की व्यवस्था और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
जमीन उपलब्ध, फिर भी चहारदीवारी का निर्माण नहीं
विद्यालय परिसर के लिए जमीन उपलब्ध है, लेकिन अब तक चहारदीवारी का निर्माण नहीं हो सका है. विद्यालय सड़क किनारे स्थित होने के कारण बच्चों की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी जरूरी बताई जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय की सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाना चाहिए.
अन्य विद्यालयों में भी कमरों की कमी
प्रखंड के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय चम्पापुर और राजवाड़ा समेत अन्य विद्यालयों में भी कमरों की कमी की समस्या सामने आ रही है. विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में कक्षा-कक्ष कम होने से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. कई जगह एमडीएम का चावल भी कक्षा-कक्ष में रखने की स्थिति बनी हुई है.
