लाखों की सी-आर्म मशीन आई, फिर भी सदर अस्पताल का ऑर्थो ओटी नहीं हुआ शुरू

मोतिहारी सदर अस्पताल में लाखों की लागत वाली आधुनिक सी-आर्म मशीन होने के बावजूद ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन थिएटर (ऑर्थो ओटी) का संचालन शुरू नहीं हो सका है. आवश्यक संसाधनों की कमी के चलते यह सेवा बंद है, जिससे मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है. अस्पताल प्रबंधन इसे जल्द शुरू करने की तैयारी कर रहा है.

Motihari News: सदर अस्पताल में ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन थिएटर (ऑर्थो ओटी) का संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है. इसके पीछे स्ट्रेचर समेत आवश्यक संसाधनों की कमी मुख्य वजह बताई जा रही है. हालांकि राज्य स्वास्थ्य समिति ने पिछले वर्ष ही आधुनिक सी-आर्म मशीन उपलब्ध करा दी थी, लेकिन संसाधनों के अभाव में मरीजों को अब तक इसका लाभ नहीं मिल सका है. ऐसे में हड्डी संबंधी इलाज के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है.

 सी-आर्म मशीन होने के बावजूद नहीं शुरू हुई सेवा

राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से सदर अस्पताल को लाखों रुपये की लागत वाली आधुनिक सी-आर्म मशीन उपलब्ध कराई गई है. स्वास्थ्य विभाग ने ऑर्थो ओटी को अपडेट कर जल्द संचालन का निर्देश भी दिया है. बावजूद इसके आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण कई महीनों से मशीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है. लंबे समय तक मशीन के निष्क्रिय रहने से उसके खराब होने की भी आशंका जताई जा रही है.

मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज

ऑर्थो ओटी शुरू होने के बाद सड़क दुर्घटना, गंभीर फ्रैक्चर और गोली लगने जैसे जटिल मामलों का इलाज सदर अस्पताल में ही संभव हो सकेगा. सी-आर्म मशीन की मदद से ऑपरेशन के दौरान आसानी से एक्स-रे किया जा सकेगा, जिससे मरीजों को बेहतर और त्वरित इलाज मिलेगा.

इस सप्ताह सेवा शुरू करने की तैयारी

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एसएन सत्यार्थी ने बताया कि अस्पताल के पुराने भवन में ऑर्थो ओटी के लिए चयनित स्थान को व्यवस्थित कर दिया गया है. कुछ आवश्यक संसाधनों की कमी है. उनके उपलब्ध होते ही इस सप्ताह ऑर्थो ओटी सेवा शुरू कर दी जाएगी.

यह भी पढ़ें: टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 22 हजार लोगों की स्क्रीनिंग, 14 अगस्त तक चलेगी विशेष स्क्रीनिंग


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amresh kumar singh

Published by: Purushottam Kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >