मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले के जीवधारा स्थित चंद्रईया गांव के निवासी रिजवान अफरीदी आज इलाके में स्नेक रेस्क्यू के लिए एक भरोसेमंद नाम बन चुके हैं. आसपास के गांवों और मोहल्लों में जब भी कहीं सांप निकलने की सूचना मिलती है, लोग सबसे पहले उन्हें ही बुलाते हैं. उनकी तत्परता और सुरक्षित रेस्क्यू के कारण लोगों में भरोसा लगातार बढ़ रहा है.
सूचना मिलते ही पहुंच जाते हैं मौके पर
स्थानीय लोगों के अनुसार, किसी घर, खेत या मोहल्ले में सांप निकलने की सूचना मिलते ही रिजवान अफरीदी बिना देर किए मौके पर पहुंचते हैं. पूरी सावधानी के साथ सांप का रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ते हैं और बाद में प्राकृतिक वातावरण वाले सुरक्षित स्थान पर छोड़ देते हैं. इससे लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है और वन्यजीवों का संरक्षण भी होता है.
अब तक कर चुके हैं कई सफल स्नेक रेस्क्यू
ग्रामीणों का कहना है कि रिजवान अफरीदी अब तक कई सांपों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर चुके हैं. उनकी मौजूदगी से लोगों में सांप को लेकर फैला डर कम होता है और बिना नुकसान पहुंचाए उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का रास्ता निकलता है.
सांप को मारने के बजाय दें सूचना
रिजवान अफरीदी लोगों से अपील करते हैं कि यदि कहीं सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे मारने की कोशिश करें. सुरक्षित दूरी बनाए रखें और प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू करने वाले व्यक्ति या वन विभाग को इसकी सूचना दें.
उन्होंने बताया कि अधिकांश सांप बिना उकसावे के इंसानों पर हमला नहीं करते. ऐसे में उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना ही सबसे बेहतर और जिम्मेदार तरीका है.
वन्यजीव संरक्षण का दे रहे संदेश
रिजवान अफरीदी का प्रयास केवल लोगों को सुरक्षित रखना ही नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना भी है. उनके इस कार्य की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं और इसे प्रकृति संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल मान रहे हैं.
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