Bapudham Motihari Railway Station: पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर रेल मंडल के तत्वावधान में राजभाषा हिंदी और साहित्य को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ऐतिहासिक बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन पर एक दिवसीय हिंदी निबंध प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया. इस बौद्धिक व साहित्यिक प्रतियोगिता के लिए 'सोशल मीडिया का युवाओं पर प्रभाव' और 'हिंदी की विकास यात्रा' जैसे दो महत्वपूर्ण विषय तय किए गए थे. इस पूरे कार्यक्रम का सफल व सुव्यवस्थित आयोजन समस्तीपुर रेल मंडल की राजभाषा अधिकारी गीता यादव के कुशल नेतृत्व एवं देखरेख में संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों के रेल कर्मियों ने अपनी रचनात्मक क्षमता का परिचय दिया.
रेल कर्मियों में रचनात्मक सोच विकसित करना उद्देश्य: गीता यादव
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों और रेल कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राजभाषा अधिकारी गीता यादव ने कहा कि साहित्य को बढ़ावा देने और दैनिक कामकाज में व्यस्त रहने वाले रेलकर्मियों की सृजनात्मक क्षमता को निखारने के उद्देश्य से इस निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है. उन्होंने सभी कर्मियों को साहित्य के महत्व से अवगत कराते हुए रचनात्मक लेखन से निरंतर जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया. इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त विजेताओं को रेल प्रशासन द्वारा विशेष रूप से पुरस्कृत और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा.
स्टेशन के 12 विभागों के कर्मचारियों ने दिखाई अभिरुचि
इस साहित्यिक प्रतियोगिता में बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन के कुल 12 अलग-अलग विभागों के रेल कर्मचारियों ने बड़े उत्साह और लगन के साथ भाग लिया. प्रतियोगिता में स्टेशन अधीक्षक राजीव कुमार ने स्वयं प्रतिभागी के तौर पर हिस्सा लेकर कर्मियों का उत्साहवर्धन किया. उनके साथ वाणिज्य विभाग से रमेश प्रसाद व रमेश कुमार, परिचालन विभाग से सोनी कुमारी व अभिषेक कुमार तथा रेलवे हेल्थ यूनिट से प्रीति कुमारी समेत एक दर्जन से अधिक प्रतिभागियों ने निर्धारित विषयों पर अपने सारगर्भित व प्रभावशाली विचार कलमबद्ध किए.
व्यस्त दिनचर्या के बीच बौद्धिक प्रतिभा का बना मंच
रेल परिचालन और यात्री सेवा के व्यस्त कामकाजी माहौल के बीच आयोजित इस प्रतियोगिता ने रेल कर्मचारियों को अपनी बौद्धिक क्षमता और साहित्यिक अभिरुचि को प्रदर्शित करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान किया. प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने वर्तमान परिदृश्य में सोशल मीडिया के प्रभावों और हिंदी भाषा के ऐतिहासिक सफर पर गहराई से विचार प्रस्तुत किए, जिसे रेल अधिकारियों ने काफी सराहा.
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