Motihari News: भीषण गर्मी और भारी उमस के बीच मोतिहारी शहर में लगातार दो दिनों से रात के समय करीब तीन घंटे बिजली आपूर्ति ठप रहने से शहरवासियों की मुश्किलें चरम पर पहुंच गई हैं. रात के पीक आवर्स में अचानक बिजली गुल हो जाने के कारण लोगों को भीषण उमस का सामना करना पड़ा. पंखे, कूलर और एसी बंद हो जाने से खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को भारी कष्ट झेलना पड़ा. घरों में दम घुटने जैसी स्थिति बनने पर लोगों को छतों, बालकोनी और घरों के बाहर निकलकर घंटों बिजली बहाल होने का इंतजार करना पड़ा.
33 केवी मेन लाइन में लगातार दो दिनों तक आया फॉल्ट
शहरी क्षेत्र में रात के समय लगातार हो रहे इस पावर कट को लेकर विद्युत विभाग के शहरी एसडीओ (विद्युत) राजीव मिश्रा ने स्थिति स्पष्ट की है.
उन्होंने बताया कि 33 केवी की मुख्य ट्रांसमिशन लाइन में अचानक तकनीकी खराबी (फॉल्ट) आ जाने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हुई. परसों रात करीब 10:30 बजे मुख्य लाइन में खराबी आने से बत्ती गुल हो गई थी, जिसे तकनीकी टीम ने रात 1:00 बजे दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल की. वहीं, कल रात भी करीब 11:00 बजे 33 केवी लाइन में दोबारा फॉल्ट आ गया, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद देर रात करीब 2:00 बजे चालू किया जा सका. दोनों ही दिन टीम ने पेट्रोलिंग कर फॉल्ट ढूंढा और उसे दुरुस्त किया.
इनवर्टर भी दे रहे जवाब, पेयजल और दैनिक दिनचर्या प्रभावित
रात के वक्त लगातार तीन-तीन घंटे तक बिजली बाधित रहने से शहरवासियों की दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है.
लंबे समय तक बिजली न रहने के कारण घरों में लगे इनवर्टर और बैटरियां भी डिस्चार्ज होकर जवाब दे जा रही हैं. इससे न केवल रात की नींद खराब हो रही है, बल्कि सुबह के समय पानी की मोटर न चलने से पेयजल संकट और मोबाइल चार्जिंग जैसी रोजमर्रा की मूलभूत जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं.
शहरवासियों में आक्रोश, निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग
लगातार दो रातों से हो रही भारी बिजली कटौती को लेकर मोतिहारी शहर के उपभोक्ताओं में विद्युत विभाग के प्रति गहरा आक्रोश देखा जा रहा है.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि भीषण गर्मी के मौसम में रात की कटौती असहनीय हो जाती है. शहरवासियों ने जिला प्रशासन और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) के वरीय अधिकारियों से मांग की है कि 33 केवी मेन लाइन की सघन मेंटेनेंस कराई जाए और रात के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके.
