Motihari News: मोतिहारी. खरीफ सीजन के बीच सीमावर्ती इलाके में खाद की किल्लत और कथित कालाबाजारी को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ी हुई है. इसी बीच शुक्रवार को छौड़ादानो आदर्श नगर स्थित एक गोदाम पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की. पुलिस ने कार्रवाई में 146 बोरी डीएपी बरामद होने की जानकारी दी, लेकिन प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने स्टॉक में केवल पांच-छह बोरी का अंतर होने की बात कही. दोनों विभागों के अलग-अलग दावों के बाद अब मामले को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
Chhauradano News: पुलिस ने 146 बोरी डीएपी बरामद होने का किया दावा
थानाध्यक्ष प्रभात कुमार के अनुसार आदर्श नगर स्थित एक गोदाम में कालाबाजारी की नीयत से उर्वरक भंडारित किए जाने की सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की.
थानाध्यक्ष ने बताया कि छापेमारी के दौरान गोदाम से 146 बोरी डीएपी बरामद हुई. कार्रवाई की जानकारी वरीय अधिकारियों को भी दी गई. पुलिस के अनुसार मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया कृषि विभाग की ओर से मिलने वाले आवेदन के बाद आगे बढ़ेगी.
कृषि पदाधिकारी ने बताया सिर्फ 5-6 बोरी का अंतर
वहीं, प्रखंड कृषि पदाधिकारी से इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने दूरभाष पर बताया कि स्टॉक के मिलान में पांच-छह बोरी का अंतर पाया गया है. उन्होंने इसे बड़ी बात नहीं बताया.
पुलिस द्वारा 146 बोरी डीएपी बरामद किए जाने के दावे और कृषि विभाग की ओर से पांच-छह बोरी के अंतर की बात सामने आने के बाद छापेमारी की वास्तविक स्थिति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
72 घंटे बाद भी दर्ज नहीं हुई प्राथमिकी
संयुक्त छापेमारी के करीब 72 घंटे बीत जाने के बाद भी इस मामले में थाना में कृषि विभाग की ओर से कोई लिखित शिकायत या आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. थानाध्यक्ष प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस कृषि विभाग के आवेदन का इंतजार कर रही है.
पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी प्रेस विज्ञप्ति में भी संयुक्त कार्रवाई और 146 बोरी डीएपी बरामद होने की जानकारी दी गई थी. इस कार्रवाई के दौरान प्रखंड कृषि पदाधिकारी के मौजूद रहने की बात भी सामने आई है.
जिला कृषि पदाधिकारी से नहीं हो सका संपर्क
मामले में जिला कृषि पदाधिकारी से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं होने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी. वहीं अनुमंडल कृषि पदाधिकारी निर्भय कुमार मिश्र ने बताया कि वे फिलहाल अनुमंडल में मौजूद नहीं हैं और विभागीय कार्य से पटना गए हुए हैं.
ऐसे में पुलिस और कृषि विभाग के अलग-अलग बयानों के कारण मामले की स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है.
किसानों की खाद किल्लत के बीच उठे सवाल
छौड़ादानो और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में खरीफ सीजन के दौरान किसान खाद की उपलब्धता को लेकर पहले से परेशान हैं. किसानों का कहना है कि काफी प्रयास के बाद खाद मिलने पर भी कई बार उन्हें निर्धारित दर से अधिक कीमत चुकानी पड़ती है.
ऐसे माहौल में उर्वरक गोदाम से बड़ी मात्रा में डीएपी बरामद होने के पुलिस के दावे और कृषि विभाग की ओर से कम स्टॉक अंतर बताए जाने के बाद लोग मामले की निष्पक्ष जांच और स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं.
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