Raxaul News: सावन माह की पहली सोमवारी पर नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित विश्वप्रसिद्ध बाबा पशुपतिनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. नेपाल के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत भारत के कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान पशुपतिनाथ के जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचे. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुबह चार बजे ही मंदिर के सभी कपाट खोल दिए.
सुबह चार बजे खुले मंदिर के कपाट
वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन का क्रम पूरे दिन निर्बाध रूप से जारी रहा. सावन की पहली सोमवारी को लेकर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख, समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की.
सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के रहे विशेष इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. कतार प्रबंधन, पेयजल, स्वास्थ्य सहायता और सुरक्षा कर्मियों की विशेष तैनाती की गई, जिससे श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए जा सके.
बारिश भी नहीं डिगा सकी श्रद्धालुओं की आस्था
सोमवार को काठमांडू में रुक-रुक कर हुई बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सकी. बारिश के बीच श्रद्धालु "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष के साथ घंटों कतार में खड़े रहकर बाबा पशुपतिनाथ के दर्शन करते रहे. पूरा मंदिर परिसर पूरे दिन भक्तिमय माहौल से गूंजता रहा.
जलाभिषेक कर मांगी सुख-समृद्धि की कामना
श्रद्धालुओं ने भगवान पशुपतिनाथ का गंगाजल से जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की. श्रद्धालुओं का कहना था कि सावन की पहली सोमवारी पर बाबा पशुपतिनाथ के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व है और इस दिन पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
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