Owaisi In Bihar: “कब तक सहेगा देश…?”, बिहार में खुले मंच से औवैसी ने पाकिस्तान को दी चुनौती

Owaisi In Bihar: मोतिहारी के ढाका से AIMIM के प्रमुख असद्दुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान को आरे हाथों लिया. औवेसी ने कहा कि कब तक पाकिस्तानी दहशतगर्दों के हाथों अपनी बहन-बेटियों को विधवा होते देखेंगे. इसके अलावा उनहोंने ढाका से अपनी पार्टी के उम्मीदवार के नाम की भी घषणा की है. पढ़ें पूरी खबर…

Owaisi In Bihar: बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होना है. इसको लेकर तमाम पार्टियों ने कमर कसनी शुरू कर दी है. नेताओं का बिहार आना-जाना लगा है. इसी क्रम में रविवार को AIMIM सुप्रीमो और सांसद असदुद्दीन ओवैसी मोतिहारी के ढाका पहुंचे, जहां के उच्च विद्यालय के ग्राउंड में उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि ये वक्त पाकिस्तान को समझाने का नहीं बल्कि माकूल जवाब देने का है. कब तक पाकिस्तानी दहशतगर्दों के हाथों अपनी बहन-बेटियों को विधवा होते देखेंगे. पहलगाम आतंकी हमले से पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ नफरत और गुस्से का माहौल है. इसके अलावा इसी मंच से औवैसी ने बिहार विधानसभा चुनाव में ढाका विधानसभा से राणा रंजीत सिंह को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की.

देश कब तक सहता रहेगा?

ओवैसी ने अपने संबोधन में कहा कि हम देश की हुकूमत से मांग करते हैं कि एक मजबूत एवं ठोस कार्रवाई कर इसके जिम्मेवार लोगों को सख्त सजा दे. हमारी पार्टी भारत सरकार को पूरा समर्थन देगी. पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों ने 26 बेकसूर लोगों की उनके बच्चे और पत्नियों के आंखों के सामने गोली मारकर हत्या कर दी. इनमें ऐसे भी लोग शामिल थे, जिनकी छह दिन पहले शादी हुई थी. 26/11 की घटना हो या फिर कोई और आतंकी घटना, देश कब तक सहता व देखता रहेगा. देश में अभी गम और तकलीफ का माहौल है. ऐसे समय में जो लोग नफरत व जहर फैला रहे हैं देश उन्हें माफ नहीं करेगा. सांसद ने पहलगाम हमले में मारे गए सभी 26 लोगों को शहीद का दर्जा देने की मांग की. 

वक्फ कानून को बताया काला कानून

इसके साथ ही वक्फ कानून को काला कानून बताते हुए केंद्र सरकार की जमकर निंदा की. उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार मुसलमानों से नफरत की बुनियाद पर यह काला कानून लायी है. इस कानून के द्वारा हमारे मजिस्द, कब्रिस्तान, इदगाह, मजार, खानकाह, धार्मिक शैक्षणिक संस्थानों को हमसे छीन लिया जाएगा. इस कानून से मुसलमानों को कोई फायदा नहीं. जब तक यह कानून वापस न हो इसका पुरजोर विरोध करना है. इस काले कानून को संसद से पास कराने वाले सहयोगी दल को आनेवाले चुनाव में सबक सिखाना है. कहा, मैं पूछना चाहता हूं कि 15 वर्ष के लालू यादव तथा 20 वर्ष के नीतीश कुमार के शासन काल में ऐ… गरीबों तुम्हें क्या हासिल हुआ. तुम्हारे वोट से उनके महल आबाद हुए.

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By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

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अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

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