मोतिहारी में डीएम का अधिकारियों को सख्त संदेश, फोन नहीं उठाया तो बढ़ेगी परेशानी, रोज होगी राजस्व कार्यों की निगरानी

मोतिहारी डीएम सौरभ सुमन यादव ने सोमवार को जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता की. इस दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए. आम लोगों को बेहतर सुविधा देने पर जोर दिया गया.

Motihari News: जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक सोमवार को डीएम सौरभ सुमन यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद भवन के सभागार में हुई. बैठक में सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गयी. इस दौरान डीएम ने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, कार्यों में पारदर्शिता और आम लोगों को बेहतर प्रशासनिक सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए.

नीलामपत्र वाद की समीक्षा, बॉडी वारंट पर गंभीरता के निर्देश

बैठक में नीलामपत्र वाद के मामलों की विस्तृत समीक्षा की गयी. डीएम ने कहा कि पिछले दो महीनों में इस क्षेत्र में अच्छी प्रगति दर्ज की गयी है. उन्होंने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को इसी गति को आगे भी बनाए रखने का निर्देश दिया.

डीएम ने वारंट और नोटिस की तामिला को लेकर भी सख्त निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्ति को उचित प्रक्रिया के तहत ही नोटिस या वारंट हस्तगत कराया जाए और इसकी पूरी जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज की जाए. उन्होंने नीलाम पत्र पदाधिकारियों को बॉडी वारंट को गंभीरता से लेने की हिदायत दी.

राजस्व महाभियान के लिए बनेगा विशेष डैशबोर्ड

राजस्व महाभियान की समीक्षा के दौरान डीएम ने सभी राजस्व पदाधिकारियों और अंचल अधिकारियों को आम जनता से जुड़े मामलों के समय पर निष्पादन का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि म्यूटेशन यानी दाखिल-खारिज, परिमार्जन और मापी जैसे मामलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए.

कार्य में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए राजस्व महाभियान से संबंधित एक विशेष डैशबोर्ड तैयार करने का निर्देश दिया गया. इस डैशबोर्ड पर प्रतिदिन की उपलब्धियों और प्रगति से संबंधित डेटा अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा.

लोगों को बेवजह परेशान न करें, फोन जरूर उठाएं

डीएम सौरभ सुमन यादव ने अधिकारियों को आम लोगों के प्रति संवेदनशील रहने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जिले से आने वाली अधिकांश शिकायतें म्यूटेशन, परिमार्जन और मापी जैसे राजस्व मामलों से संबंधित होती हैं.

उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों और अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों के फोन निश्चित रूप से रिसीव करें और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनें. लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करने को कहा गया.

क्षेत्रीय पदाधिकारियों के लिए तय होंगे विजिटिंग आवर्स

आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डीएम ने सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को प्रतिदिन जनता से मिलने के लिए निश्चित समय निर्धारित करने का निर्देश दिया. निर्धारित विजिटिंग आवर्स के दौरान संबंधित अधिकारियों को अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में मौजूद रहना होगा.

डीएम ने कहा कि इससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को अपनी समस्याएं रखने में सुविधा होगी और उन्हें अधिकारियों से मिलने के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

समय पर काम और बेहतर समन्वय पर जोर

बैठक में अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और लंबित मामलों का तेजी से निष्पादन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. डीएम ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा. अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया.

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार, सहायक समाहर्ता, जिलास्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी समेत जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे.

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By Intejarul Haq

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