Nepal Violence: नेपाल के सुनसरी जिले के देवगंज में हुई हिंसा के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. पूर्वी चंपारण के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को हाई अलर्ट पर रखा गया है. नेपाल से आने-जाने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि कोई भी संदिग्ध तत्व खुली सीमा का फायदा न उठा सके.
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी चौकसी
नेपाल के पर्सा जिले के मुख्य जिला अधिकारी (सीडीओ) भोला दहाल ने वीरगंज के कई इलाकों में शुक्रवार शाम कर्फ्यू लागू किया था, जो शनिवार सुबह छह बजे समाप्त हो गया. सुनसरी की घटना के बाद वीरगंज, कलैया, पर्सा, सिमरौनगढ़, गौर और रौतहट सहित नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में नेपाली सेना लगातार गश्त कर रही है.
वहीं भारतीय सीमा के कुंडवा चैनपुर, घोड़ासहन, बनकटवा, आदापुर, छौड़ादानो, हरैया और भेलाही समेत अन्य इलाकों में थाना पुलिस और एसएसबी के जवान लगातार निगरानी कर रहे हैं.
भारत-नेपाल सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय
घोड़ासहन के झरौखर में भारत और नेपाल के सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त बैठक भी हुई. बैठक में सीमा सुरक्षा, संयुक्त समन्वय और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी को लेकर चर्चा की गई. दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं.
एसपी ने दिए सख्त निर्देश
पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने सभी थानाध्यक्षों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है. उन्होंने सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों और सिरफिरे तत्वों पर कड़ी नजर रखने को कहा है, ताकि खुली सीमा का कोई भी असामाजिक तत्व गलत फायदा नहीं उठा सके.
सुरक्षा एजेंसियों का फोकस
| प्रमुख बिंदु | स्थिति |
| सीमा सुरक्षा | हाई अलर्ट |
| पुलिस-एसएसबी गश्त | लगातार जारी |
| नेपाल से आने वालों की जांच | विशेष निगरानी |
| भारत-नेपाल समन्वय | सुरक्षा अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क |
| एसपी का निर्देश | संदिग्ध गतिविधियों और सिरफिरे तत्वों पर पैनी नजर |
फिलहाल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस व एसएसबी संयुक्त रूप से हालात पर नजर बनाए हुए हैं.
