मोतिहारी के रक्सौल से मनोज कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
Motihari News: प्राकृतिक संपदा और धार्मिक-पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध पड़ोसी देश नेपाल में इन दिनों भारतीय पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है. गर्मी की छुट्टियों के चलते रक्सौल बॉर्डर से रोजाना 8 से 10 हजार से अधिक पर्यटक नेपाल भ्रमण के लिए जा रहे हैं. भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशी पर्यटक भी नेपाल पहुंच रहे हैं. बढ़ती भीड़ के कारण सार्वजनिक सवारी साधनों में सीट मिलने तक में परेशानी हो रही है.
रक्सौल बॉर्डर पर बढ़ी पर्यटकों की आवाजाही
सितंबर 2025 में हुए जन-जीवन प्रभावित करने वाले आंदोलन के करीब नौ महीने बाद नेपाल पर्यटन कारोबार फिर से रफ्तार पकड़ चुका है. बीते एक सप्ताह से रक्सौल से सटे नेपाल के वीरगंज भंसार (कस्टम) कार्यालय पर पर्यटकों की अप्रत्याशित भीड़ देखी जा रही है. ट्रैवल एजेंसियों से जुड़े लोगों के अनुसार सुबह से लेकर देर रात तक नेपाल जाने वाले यात्रियों की लंबी कतार लगी रहती है.
रोजाना 500 से 700 वाहनों का कट रहा भंसार
नेपाल वीरगंज भंसार कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रतिदिन लगभग 500 से 700 भारतीय वाहनों का नेपाल प्रवेश के लिए भंसार (कस्टम परमिट) कट रहा है. इनमें कार, एसयूवी, बस और दोपहिया वाहन शामिल हैं. अधिकांश पर्यटक दो से पांच दिन का परमिट लेकर नेपाल के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं.
काठमांडू, पोखरा और मुक्तिनाथ पहली पसंद
नेपाल जाने वाले पर्यटकों की पसंदीदा सूची में राजधानी काठमांडू, पोखरा, मुक्तिनाथ धाम, मनोकामना मंदिर, मुस्तांग, गंदरूक गांव और चितवन जंगल प्रमुख रूप से शामिल हैं. धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन का आकर्षण लोगों को नेपाल की ओर खींच रहा है.
बढ़ती भीड़ को देखते हुए खोले गए अतिरिक्त काउंटर
नेपाल कस्टम अधिकारियों ने बताया कि पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए भंसार काटने के लिए अतिरिक्त काउंटर खोले गए हैं. साथ ही ऑनलाइन भंसार की व्यवस्था को भी प्रभावी बनाया गया है ताकि पर्यटकों को कम समय में नेपाल प्रवेश की अनुमति मिल सके.
होटल किराये में भी आया उछाल
दिल्ली से नेपाल घूमने पहुंचे पर्यटक गोविंद मिश्रा ने बताया कि पीक सीजन के कारण काठमांडू और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होटल किराये में काफी बढ़ोतरी हो गई है. उन्होंने कहा कि जो कमरा पहले 2000 नेपाली रुपये में मिल जाता था, उसका किराया अब 4000 नेपाली रुपये तक पहुंच गया है.
ट्रेनों में भी बढ़ी भीड़
नेपाल जाने वाले पर्यटकों की बढ़ती संख्या का असर रेल सेवाओं पर भी दिखाई दे रहा है. कोलकाता, दिल्ली और अन्य महानगरों से रक्सौल पहुंचने वाली ट्रेनों में नो-रूम जैसी स्थिति बनी हुई है. खासकर मिथिला एक्सप्रेस से बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत के पर्यटक रक्सौल पहुंच रहे हैं.
नेपाल जाने से पहले इन नियमों को जान लें
नेपाल में निजी वाहन लेकर जाने वाले भारतीय नागरिकों को निर्धारित भंसार शुल्क देना अनिवार्य है. चारपहिया वाहनों के लिए प्रतिदिन 375 रुपये और दोपहिया वाहनों के लिए 125 रुपये शुल्क निर्धारित है. वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और रोड परमिट साथ रखना जरूरी है. वर्तमान नियमों के अनुसार भारतीय वाहन को अधिकतम सात दिनों तक नेपाल में रहने की अनुमति है.
ऑनलाइन भंसार फॉर्म भरकर बचा सकते हैं समय
नेपाल कस्टम की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पर्यटक पहले से ऑनलाइन भंसार फॉर्म भर सकते हैं. इसके बाद कस्टम जांच और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया पूरी कर आसानी से नेपाल प्रवेश की अनुमति प्राप्त की जा सकती है. इससे सीमा पर समय की बचत होती है और यात्रियों को सुविधा मिलती है.
