Nepal News: नेपाल के सुनसरी जिले में 26 जुलाई को कांवड़ यात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच हुए विवाद के बाद भड़की हिंसा का असर मधेश प्रदेश के कई जिलों तक पहुंचा था. लगभग एक सप्ताह बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं. नेपाल प्रशासन ने स्थिति की समीक्षा के बाद धनुषा (जनकपुर), सिरहा और सुनसरी समेत कई स्थानों से कर्फ्यू और निषेधाज्ञा हटा दी है.
बाजार खुले, जनजीवन सामान्य होने लगा
शनिवार को अधिकांश बाजार खुले रहे और सार्वजनिक परिवहन भी सामान्य रूप से संचालित हुआ. लोगों की आवाजाही पहले की तुलना में बढ़ी है, हालांकि तनाव को देखते हुए अधिकांश लोग अभी भी केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं.
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी
हालात सामान्य होने के बावजूद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी गई है. पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और सीतामढ़ी से सटी नेपाल की पर्सा, बारा और रौतहट सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं.
रक्सौल-वीरगंज मुख्य सीमा के अलावा आदापुर के मटिअरवा, भेलाही के मुसहरवा और सिकटा के भिस्वा सहित अन्य सीमावर्ती मार्गों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है. सीमा पार करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान पत्र जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है.
एसएसबी और पुलिस कर रही संयुक्त निगरानी
सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. बिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी सीमा क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही हैं.
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर सीमा क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है. एसएसबी और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से निगरानी कर रही है तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है.
नेपाल प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील की
पर्सा जिले के प्रमुख जिला अधिकारी भोला दहाल ने बताया कि एहतियात के तौर पर लागू निषेधाज्ञा शनिवार से पूरी तरह हटा ली गई है. उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने वाली अफवाहों और भड़काऊ संदेशों को साझा नहीं करने की अपील की.
वहीं बारा जिले के प्रमुख जिला अधिकारी धर्मेन्द्र मिश्रा ने बताया कि जिले में शांति समिति की बैठक के बाद सामाजिक सौहार्द के लिए सद्भाव रैली निकाली गई.
व्यापारिक गतिविधियां भी पकड़ने लगीं रफ्तार
सीमावर्ती व्यापारियों के अनुसार शुरुआती दिनों में विरोध प्रदर्शन और बंद के कारण भारत-नेपाल व्यापार प्रभावित हुआ था, लेकिन अब हालात सामान्य होने के साथ व्यापारिक गतिविधियां भी धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगी हैं.
नेपाल सरकार पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है. गृह मंत्री सुदन गुरुङ ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों और अधिकारियों से मुलाकात की तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.
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