Motihari News: मोतिहारी. रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के मजुरहां में पुलिस के नाम पर वसूली को लेकर शुक्रवार की रात जमकर हंगामा हुआ. सादे लिबास में पैसा लेने पहुंचे दो पुलिस जवानों को ग्रामीणों ने नकली पुलिस समझकर घेर लिया और उनकी पिटाई कर दी. सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों जवानों को भीड़ से बाहर निकाला. जांच के बाद वसूली के आरोप सही पाये जाने पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. प्राथमिकी दर्ज करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया.
सादे लिबास में पैसा लेने पहुंचे थे दोनों जवान
मामले में गिरफ्तार जवानों की पहचान नगर थाने के बाइक सेल में प्रतिनियुक्त सिपाही संख्या-57 राजीव कुमार और सिपाही संख्या-679 आशीष कुमार के रूप में हुई है. बताया गया कि दोनों सादे लिबास में मजुरहां इलाके में पहुंचे थे. उनकी गतिविधियों पर ग्रामीणों को संदेह हुआ और देखते ही देखते लोगों ने दोनों को घेर लिया.
ग्रामीणों ने पीटा, डायल-112 की टीम ने बचाया
दोनों जवानों को ग्रामीणों ने नकली पुलिस समझकर पकड़ लिया. विवाद बढ़ने पर उनकी पिटाई शुरू कर दी गयी. सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों जवानों को भीड़ से बाहर निकालकर स्थिति को नियंत्रित किया. इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की.
गलत मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर वसूली का आरोप
आरोप है कि दोनों जवान वाहन जांच के नाम पर लोगों को डराते-धमकाते थे. गलत मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पैसे की उगाही करने का भी आरोप लगाया गया है. पुलिस जांच में दोनों के खिलाफ वसूली से जुड़े एक अहम लेन-देन का साक्ष्य सामने आया है.
वार्ड पार्षद के मोबाइल से भेजे गये थे पांच हजार रुपये
पुलिस के अनुसार, आठ सितंबर को मजुरहां के वार्ड पार्षद राकेश सिंह के मोबाइल से सिपाही राजीव कुमार की पत्नी के मोबाइल पर 5,000 रुपये भेजे गये थे. जांच में इस लेन-देन का साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने दोनों जवानों के खिलाफ लगे आरोपों को गंभीरता से लिया. पुलिस को पूर्व में भी दोनों के इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी मिली थी.
वसूली के आरोप सही मिले, दोनों जवान गये जेल
सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि जांच के दौरान दोनों जवानों पर वसूली के आरोप सही पाये गये. इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. रघुनाथपुर थाने में दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
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