Motihari News: बिहार के सीमावर्ती जिले पूर्वी चंपारण के मुख्यालय मोतिहारी से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है. देश की शीर्ष जांच एजेंसी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की पटना और स्थानीय टीम ने संयुक्त रूप से नशा तस्करों के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है. अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी के सिंडिकेट पर सीधी चोट करते हुए एनसीबी ने मोतिहारी शहर में छापेमारी कर 50 लाख रुपये से अधिक की बेहिसाब काली कमाई (कैश) बरामद की है. बरामद नोटों का बंडल इतना बड़ा था कि मैन्युअल गिनती नाकाम साबित हुई और अंततः अधिकारियों को नोट गिनने वाली मशीन मंगानी पड़ी.
पॉश इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी से हड़कंप
एनसीबी की इस अप्रत्याशित और हाई-प्रोफाइल कार्रवाई से मोतिहारी शहर के नशा कारोबारियों, सिंडिकेट संचालकों और उनके गुर्गों में दिनभर हड़कंप मचा रहा. जांच टीम ने पूरी गोपनीयता बरतते हुए मोतिहारी नगर थाना क्षेत्र के दो सबसे प्रमुख, व्यस्त और पॉश इलाकों में एक साथ धावा बोला:
- पानी टंकी रोड
- चांदमारी इलाका
महीनों की रेकी और तकनीकी सर्विलांस के बाद बुने गए इस जाल में एनसीबी ने मौके से दो मुख्य संदिग्धों को दबोच लिया है. पकड़े गए दोनों धंधेबाजों को किसी गुप्त स्थान पर ले जाकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है, जिनकी निशानदेही पर शहर के कई अन्य ठिकानों पर इनपुट के आधार पर रेड डाली जा रही है.
गुमटी वाले किराना दुकानदार की आड़ में चल रहा था करोड़ों का ‘काला खेल‘
सूत्रों से मिली बेहद चौंकाने वाली जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए तस्करों में एक आरोपी सड़क किनारे छोटी सी गुमटी में किराना दुकान चलाता है. पहली नजर में बेहद साधारण दिखने वाली इस गुमटी की आड़ में दरअसल अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय स्तर पर गांजे, स्मैक और अन्य सूखे नशे की बड़ी खेप की सप्लाई की जा रही थी. नशा तस्करी से होने वाली करोड़ों रुपये की अवैध लेबर और ले-देन का मुख्य केंद्र भी यही छोटी सी गुमटी थी, जहां से एनसीबी की टीम ने नोटों से भरे बैग बरामद किए हैं.
अंतरराष्ट्रीय तार खंगालने में जुटी एजेंसियां
शहर के बीचों-बीच एक अदने से तस्कर के पास से 50 लाख से अधिक का हार्ड कैश मिलने के बाद स्थानीय जिला पुलिस समेत तमाम खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं. चूंकि मोतिहारी की भौगोलिक सीमा खुली अंतरराष्ट्रीय भारत-नेपाल सीमा (रक्सौल) से सटी हुई है, इसलिए मजबूत आशंका जताई जा रही है कि इस सिंडिकेट के तार नेपाल के रास्ते आने वाली ड्रग्स खेप और देश के अन्य बड़े महानगरों के ड्रग लॉर्ड्स से जुड़े हैं.
एनसीबी के आला अधिकारियों का मानना है कि पकड़े गए तस्करों के मोबाइल सीडीआर (CDR) और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड खंगालने पर मोतिहारी और पटना के कई सफेदपोशों, बड़े फाइनेंसरों और रसूखदारों के नाम सामने आ सकते हैं. एजेंसी का दावा है कि आने वाले 24 घंटों के भीतर चंपारण और सीमावर्ती इलाकों में कुछ और बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर बड़ी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं.
मोतिहारी से सुजीत पाठक की रिपोर्ट
