Motihari News: मधुबन मेला बाजार में लग्न खत्म होते ही सब्जियों की चमक फीकी पड़ने लगी है. कुछ दिन पहले तक जहां मंडी में खरीदारों की भीड़ और सब्जियों के ऊंचे दाम देखने को मिल रहे थे, वहीं अब कीमतों में गिरावट आने लगी है. उत्तर बिहार की बड़ी सब्जी मंडियों में शामिल मधुबन बाजार हर दिन सुबह किसानों और व्यापारियों से गुलजार रहता है. यहां से बिहार के कई जिलों के अलावा नेपाल तक सब्जियों की सप्लाई होती है.
सुबह पांच बजे से सजती है मंडी
मधुबन इस्टेट द्वारा स्थापित यह मंडी इलाके की पहचान मानी जाती है. रोजाना सुबह 5 बजे से 9 बजे तक यहां बाजार लगता है. झारखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत आसपास के इलाकों के किसान अपनी ताजी सब्जियां लेकर यहां पहुंचते हैं. थोक व्यापारी यहीं से खरीदारी कर अलग-अलग बाजारों में सप्लाई करते हैं.
नेपाल तक जाती हैं यहां की सब्जियां
मधुबन मेला बाजार सिर्फ स्थानीय जरूरतों को ही पूरा नहीं करता, बल्कि सीमावर्ती नेपाल तक यहां से सब्जियों की खेप भेजी जाती है. इसके अलावा शिवहर, सीतामढ़ी, ढाका, फेनहारा, पताही, राजेपुर, पकड़ीदयाल, चकिया और तेतरिया समेत कई इलाकों के व्यापारी यहां खरीदारी करने पहुंचते हैं.
लग्न खत्म होते ही गिरे सब्जियों के दाम
लग्न समाप्त होने के बाद सब्जियों के रेट में गिरावट देखने को मिल रही है. बाजार में खीरा 20 रुपये किलो, टमाटर 25 रुपये किलो, बैंगन 20 रुपये किलो और परवल 20 से 25 रुपये किलो बिक रहा है. वहीं भिंडी 10 से 15 रुपये किलो, लौकी 5 से 10 रुपये किलो, फूलगोभी 30 से 35 रुपये किलो और आलू महज 4 रुपये किलो तक पहुंच गया है.
कई पंचायतों के किसान करते हैं खेती
मधुबन प्रखंड के कोईलहरा, सवंगिया, तालिमपुर, वाजितपुर, भेलवा, रूपनी, गड़हिया और नगर पंचायत क्षेत्र के किसान बड़े पैमाने पर सब्जी उत्पादन करते हैं. इसके अलावा तेतरिया, मेहसी और चकिया के किसान भी अपनी फसल बेचने के लिए मधुबन मंडी पहुंचते हैं.
मंडी इलाके की पहचान बनी हुई है
स्थानीय सह पैक्स अध्यक्ष विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि मधुबन मंडी इलाके की सबसे बड़ी सब्जी मंडी मानी जाती है. यहां हर दिन किसान और व्यापारी थोक भाव में खरीद-बिक्री करते हैं, जिससे आसपास के बाजारों में सब्जियों की उपलब्धता बनी रहती है.
मोतिहारी के मधुबन से शशि चंद्र तिवारी की रिपोर्ट
