Motihari News: मुफ़्सिल थाना क्षेत्र के भटहा में वर्ष दो वर्ष पूर्व उजागर हुए फर्जी आरपीएफ (RPF) ट्रेनिंग सेंटर मामले का मुख्य आरोपी पप्पू कुमार आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है. वह घोड़ासहन के दिघा गांव का रहने वाला है. नगर थाने की पुलिस ने उसे शहर के व्यस्त धर्मसमाज चौक से उस समय गिरफ्तार किया, जब वह एक लग्जरी कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहा था.
वाहन जांच में पकड़ा गया, चेचिस नंबर से खुला फर्जीवाड़े का राज
नगर थाना इंस्पेक्टर राजीव रंजन ने बताया कि धर्मसमाज चौक पर पुलिस टीम द्वारा चलाए जा रहे सघन वाहन जांच अभियान के दौरान एक संदिग्ध इको स्पोर्ट कार को रोका गया. कार पर रजिस्ट्रेशन नंबर बीआर 06सीएन-2244 अंकित था. जब पुलिस ने तकनीकी रूप से जांच करते हुए कार के चेचिस और इंजन नंबर का मिलान किया, तो बड़ा खुलासा हुआ. कार पर लगी नंबर प्लेट पूरी तरह फर्जी थी और उस वाहन का असली निबंधन सहरसा जिले के एक अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज था.
रेलवे में नौकरी के नाम पर युवाओं से वसूलता था मोटी रकम
पुलिस की पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई कि गिरफ्तार पप्पू कुमार भटहा गांव में बकायदा एक फर्जी आरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर संचालित करता था. वह सीधे-सादे ग्रामीण युवाओं को रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपए की मोटी रकम वसूलता था. इस मामले का भंडाफोड़ होने के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था. आरोपी के पास से पुलिस ने फर्जी नंबर वाली कार, मोबाइल फोन, संदिग्ध दस्तावेज और शपथ पत्र की मूल प्रति जब्त की है.
कई थानों में दर्ज हैं मुकदमे, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
नगर थाना में आरोपी के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज तैयार करने समेत कई गंभीर धाराओं में नया केस दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार, पप्पू का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पहले से ही सोनपुर रेल थाना व मुफ़्सिल थाना में भी मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जी सेंटर के जरिए उसने कुल कितने युवाओं को अपनी ठगी का शिकार बनाया है और इस रैकेट में कौन-कौन शामिल हैं.
मोतिहारी से अमरेश वर्मा की रिपोर्ट
