Motihari News: शुक्रवार देर रात मोतिहारी शहर और बंजरिया प्रखंड सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में मौसम ने अचानक भयानक करवट ली. मध्य रात्रि के बाद आई तेज आंधी-तूफान और कड़कड़ाती गर्जना के साथ हुई झमाझम बारिश ने स्थानीय लोगों को पूरी तरह सहमा दिया. इस खराब और आक्रामक मौसम का सबसे पहला और सीधा प्रहार इलाके की बिजली व्यवस्था पर पड़ा है, जिसके कारण देर रात से ही दर्जनों गांवों और शहरी मोहल्लों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी हुई है.
मरम्मत में जुटीं बिजली विभाग की टीमें
रात में आई आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि ग्रामीण और शहरी फीडर के कई मुख्य बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा है. कई जगहों पर भारी भरकम पेड़ों की टहनियां टूटकर हाई वोल्टेज बिजली के तारों पर गिर गईं, जिससे तार टूट गए और पूरी सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई. बिजली विभाग के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फॉल्ट का पता चलते ही देर रात से ही विभाग के लाइनमैन, कनीय अभियंता और पूरी तकनीकी टीम ग्राउंड पर डटी हुई है. प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर टूटे तारों को जोड़ने और गिरे पेड़ों को हटाने का काम किया जा रहा है.
बिजली संकट ने बढ़ाई आम जनता की मुसीबत
तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण स्थानीय लोगों को रात भर भारी दिक्कतों और अंधेरे का सामना करना पड़ा. बंजरिया प्रखंड के कई निचले गांवों और मोतिहारी शहर के मुख्य चौक-चौराहों व रिहायशी इलाकों की गलियों में भारी जलजमाव (पानी जमा होने) की भी सूचना है, जिससे सुबह लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी. हालांकि, पिछले कई दिनों से पड़ रही रिकॉर्डतोड़ भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच इस अचानक हुई बारिश से तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत जरूर मिली है; लेकिन बिजली गुल होने से पेयजल संकट खड़ा हो गया है और आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है.
बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता ने आम उपभोक्ताओं से इस संकट की घड़ी में धैर्य रखने की भावुक अपील की है.
मोतिहारी बंजरिया से राज निखिल की रिपोर्ट
