Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया प्रखंड वासियों के लिए पांच साल का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है और इलाके के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. अंचल प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सूझबूझ से पिछले करीब 5 वर्षों से अधर में लटके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के भव्य भवन निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है. शनिवार को जिला प्रशासन की उच्चस्तरीय टीम ने प्रखंड की रोहिनिया पंचायत अंतर्गत कुकुरजरी गांव में अस्पताल निर्माण के लिए उपयुक्त सरकारी जमीन का अंतिम रूप से चयन कर लिया और अंचल अमीन द्वारा उसकी पैमाइश (मापी) की प्रक्रिया भी सफलतापूर्वक पूरी कर ली.
2019 से ठंडे बस्ते में थी परियोजना
बंजरिया प्रखंड में आधुनिक सुविधाओं से लैस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति वर्ष 2019-2020 में ही राज्य सरकार द्वारा दी गई थी. हालांकि, स्वीकृति मिलने के बाद से ही अस्पताल के ‘साइट सिलेक्शन’ (स्थल चयन) को लेकर विभिन्न पंचायतों के बीच भारी राजनीतिक खींचतान और क्षेत्रीय विवाद शुरू हो गया, जिसके कारण यह महत्वपूर्ण लोक-कल्याणकारी परियोजना लंबे समय तक ठंडे बस्ते में पड़ी रही.
इस दौरान प्रखंड के फुलवार उत्तरी, फुलवार दक्षिणी, रोहिनिया और जनेरवा सहित कुल चार से अधिक पंचायतों के हजारों ग्रामीण इस जिद पर अड़े थे कि अस्पताल का निर्माण हर हाल में ‘बुढवा’ नामक स्थान पर ही कराया जाए. इस मांग को लेकर ग्रामीणों ने महीनों तक लंबा धरना-प्रदर्शन और क्रमिक अनशन भी किया था, जिसका नेतृत्व स्थानीय भाजपा नेता अवध पटेल कर रहे थे. ग्रामीणों ने इस गतिरोध को लेकर तत्कालीन जिला पदाधिकारी (डीएम) तक से मिलकर गुहार लगाई थी, लेकिन तकनीकी पेंच के कारण मामला सुलझ नहीं पा रहा था.
सांसद डॉ. संजय जायसवाल और विधायक विशाल शाह की जुगलबंदी ने खत्म किया गतिरोध
बरसों से चले आ रहे इस गंभीर गतिरोध को समाप्त करने के लिए पश्चिमी चंपारण संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. संजय जायसवाल और नरकटिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक विशाल शाह ने एक साथ मिलकर विशेष राजनीतिक व प्रशासनिक पहल की. दोनों जनप्रतिनिधियों के पुरजोर आग्रह और पूर्वी चंपारण के जिला पदाधिकारी (डीएम) सौरभ जोरवाल के सख्त व स्पष्ट निर्देशों के बाद शनिवार को अंचल प्रशासन एक्टिव मोड में आया.
डीएम के आदेश पर शनिवार को राजस्व कर्मचारी मुकेश कुमार और अंचल अमीन शब्लू कुमार की एक संयुक्त तकनीकी टीम भारी पुलिस बल के साथ कुकुरजरी गांव पहुंची. अधिकारियों ने बिना किसी बाधा के भू-अभिलेखों का मिलान करते हुए चिन्हित सरकारी जमीन की मापी का काम पूरा किया.
अस्पताल के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध
मौके पर मौजूद बंजरिया के अंचलाधिकारी (सीओ) रोहन रंजन सिंह ने जमीन फाइनल होने की पुष्टि करते हुए बताया कि कुकुरजरी में जिस भूखंड को चिन्हित किया गया है, वह पूरी तरह विवाद रहित है और वहाँ एक बड़े सर्वसुविधायुक्त अस्पताल भवन, डॉक्टरों के आवास और एम्बुलेंस पार्किंग के निर्माण के लिए पर्याप्त मात्रा में सरकारी भूमि उपलब्ध है. अंचल प्रशासन द्वारा पैमाइश की कंक्रीट रिपोर्ट और नक्शा तैयार कर अंतिम स्वीकृति के लिए जिला मुख्यालय (मोतिहारी) और स्वास्थ्य विभाग पटना को भेजा जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जा सके.
मोतिहारी सदर अस्पताल की निर्भरता होगी कम
प्रशासन द्वारा जमीन का चयन कर मापी की प्रक्रिया शुरू किए जाने की खबर जैसे ही बंजरिया में फैली, स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अबीर लगाकर और मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया. गौरतलब है कि स्थानीय स्तर पर कोई बड़ा सरकारी अस्पताल न होने के कारण बंजरिया प्रखंड के हजारों गरीब मरीजों को मामूली इलाज, प्रसव और दुर्घटना की स्थिति में भागकर जिला मुख्यालय मोतिहारी के सदर अस्पताल या निजी क्लीनिकों की शरण लेनी पड़ती थी, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था. अब बंजरिया में ही 30 बेड वाले आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र का रास्ता साफ होने से क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी.
मोतिहारी बंजरिया से राज निखिल का रिपोर्ट
