Motihari News: बिहार पुलिस की डायल 112 सेवा केवल आपातकालीन कॉल्स के लिए ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा के लिए भी जानी जा रही है. ताजा मामला मोतिहारी जिले के कोटवा थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस टीम ने आधी रात को सड़क पर भटक रहे एक परिवार की मदद कर मिसाल पेश की है. पुलिस ने न केवल परिवार को सुरक्षा दी, बल्कि अपनी गाड़ी से उन्हें गांव तक सुरक्षित पहुंचाया.
बेंगलुरु से लौटे थे मुसाफिर
जानकारी के अनुसार, कोटवा थाना क्षेत्र के बड़हरवा कला पश्चिमी पंचायत स्थित हसनपुर गांव का एक परिवार रविवार की देर रात करीब 2 बजे बेंगलुरु से वापस लौटा था. परिवार को बस ने कोटवा ओवरब्रिज के पास उतार दिया था. रात का समय होने के कारण कोई वाहन उपलब्ध नहीं था, जिसके बाद परिवार में शामिल छोटे बच्चों और एक बुजुर्ग के साथ सभी लोग पैदल ही अपने गांव की ओर चल दिए.
गश्ती टीम की पड़ी नजर
इसी दौरान क्षेत्र में गश्ती कर रही डायल 112 की टीम की नजर इस भटकते परिवार पर पड़ी. टीम के अधिकारी बालिस्टर सिंह, चालक रुबास यादव और सिपाही रेणु कुमारी ने तुरंत अपनी गाड़ी रोकी और उनसे पूछताछ की. सुनसान सड़क और रात के अंधेरे में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए टीम ने मानवीय संवेदना का परिचय दिया.
सुरक्षित घर पहुंचने पर परिजनों ने जताया आभार
डायल 112 की टीम ने पूरे परिवार को उनके सामान के साथ पुलिस वाहन में बैठाया और सीधे हसनपुर गांव स्थित उनके दरवाजे तक छोड़ा. पुलिस की इस सहृदयता को देख परिजनों की आंखें भर आईं और उन्होंने टीम का आभार व्यक्त किया. स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध जनों ने भी कोटवा पुलिस के इस कार्य की जमकर सराहना की है
मोतिहारी के कोटवा से शिवम कुमार की रिपोर्ट
