Motihari: बालिका गृह की बच्चियां बनीं हुनरमंद, सॉफ्ट टॉय मेकिंग से आत्मनिर्भरता की राह

जो बच्चियां कभी मुश्किल हालात से जूझ रही थीं, अब वही अपने हुनर से कमाई करने को तैयार हैं. मोतिहारी में सॉफ्ट टॉय ट्रेनिंग ने बदल दी उनकी जिंदगी. पढ़ें पूरी खबर…

Motihari News: बालिका गृह की 20 बच्चियां अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार की पहल पर जन शिक्षण संस्थान मोतिहारी में क्रिएटिव सॉफ्ट टॉय मेकर का प्रशिक्षण लेकर इन बच्चियों ने प्रमाण पत्र हासिल किया है.

दो माह तक चले इस प्रशिक्षण में बच्चियों ने सुई-धागे, कपड़े, फेल्ट, फर, फाइबर वूल और पैटर्न पेपर की मदद से आकर्षक खिलौने बनाना सीखा. अब ये बच्चियां टेडी बियर, डॉल, खरगोश और अन्य सॉफ्ट टॉय तैयार कर सकती हैं. यह कम लागत वाला ऐसा व्यवसाय है, जिसे बिना बड़ी मशीन के घर से ही शुरू किया जा सकता है.

प्रमाण पत्र पाकर बच्चियों का बढ़ा आत्मविश्वास

गुरुवार को जन शिक्षण संस्थान में आयोजित समारोह में जिला नियोजन पदाधिकारी अंकित राज ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किया और उनका उत्साह बढ़ाया. उन्होंने कहा कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है.

जिला बाल संरक्षण इकाई के तहत संचालित बालिका गृह में रहने वाली ये बच्चियां सामाजिक और पारिवारिक उत्पीड़न की शिकार रही हैं. उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए समय-समय पर इस तरह के कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जाते हैं.

घर बैठे शुरू कर सकेंगी कम लागत वाला व्यवसाय

प्रशिक्षण प्राप्त बच्चियों ने बताया कि अब वे घर पर रहकर सॉफ्ट टॉय बनाकर बाजार में सप्लाई करेंगी. इससे वे अपनी आमदनी भी बढ़ा सकेंगी और आत्मनिर्भर बनेंगी.

मोतिहारी से इन्तेजारुल हक की रिपोर्ट

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Published by: Sarfaraz Ahmad

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