मोतिहारी: मनरेगा में दो साल से सामग्री मद का भुगतान ठप, वेंडरों और जनप्रतिनिधियों में बढ़ा आक्रोश

मोतिहारी में मनरेगा सामग्री मद का भुगतान दो माह बाद भी नहीं हुआ है। लंबित भुगतान से वेंडरों और जनप्रतिनिधियों की आर्थिक चिंताएं बढ़ गई हैं।

 Motihari Nrega Payment: पूर्वी चंपारण जिले में मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के सामग्री मद में लंबित राशि का भुगतान अब तक न होने से जनप्रतिनिधियों और वेंडरों की परेशानी बढ़ती जा रही है. ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 17 जून 2026 को राशि आवंटित किए जाने के बावजूद, दो महीने बाद भी जिले में भुगतान प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है.

नए नियमों और कागजी प्रक्रियाओं में उलझी फाइलें

जनप्रतिनिधियों ने विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं:

  • लगातार नए नियम: जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पहले कभी ऐसी जटिल स्थिति नहीं बनी थी. आए दिन नए नियम लागू किए जा रहे हैं.
  • दफ्तरों के चक्कर: पहले प्रखंड कार्यालय में सत्यापन कराया गया, फिर फाइल डीआरडीए भेजी गई और वहां से प्रस्ताव पटना भेजा गया, लेकिन भुगतान फिर भी अटका हुआ है.
  • अधिकारियों के पास जवाब नहीं: प्रशासनिक स्तर पर यह भी स्पष्ट नहीं है कि राशि कब और किस स्तर से जारी होगी.

वेंडरों पर बढ़ा भारी आर्थिक दबाव

भुगतान न मिलने से सामग्री आपूर्तिकर्ताओं की हालत खस्ता हो गई है:

  • निर्माण कार्यों के लिए महीनों पहले सामग्री देने के बावजूद वेंडरों का बाजार में बकाया काफी बढ़ गया है.
  • कई छोटे वेंडर गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, जिससे भविष्य में सरकारी योजनाओं में आपूर्ति ठप होने का खतरा है.

अविलंब भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी

जनप्रतिनिधियों और वेंडरों ने ग्रामीण विकास विभाग से बकाया राशि का अविलंब भुगतान करने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे आंदोलन की राह अपनाने के लिए विवश होंगे.

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लेखक के बारे में

By सामंत कुमार गौतम

सामंत वर्ष 2013 से यानी पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वाणिज्य (बी.कॉम) और कानून (एलएलबी) स्नातक सामंत को समाचार संकलन, संपादन, कंप्यूटर तकनीक और समाचार प्रबंधन का व्यापक अनुभव है. ये पत्रकारिता के साथ-साथ समाचारों के तकनीकी व प्रबंधकीय कार्यों में विशेष रुचि रखते हैं.

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