मोतिहारी से अमृतेश कुमार की रिपोर्ट
Motihari News: महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (एमजीसीयू), मोतिहारी और केंद्रीय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (सीयूएचपी), धर्मशाला के बीच शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध सहयोग, कौशल विकास, उद्यमिता संवर्धन, संकाय आदान-प्रदान और ज्ञान साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 29 मई को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए.
दोनों कुलपतियों ने किया समझौते पर हस्ताक्षर
इस एमओयू पर महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव तथा केंद्रीय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) सत प्रकाश बंसल ने हस्ताक्षर किए. यह समझौता दोनों केंद्रीय विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है.
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह साझेदारी विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए व्यापक अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी.
कौशल विकास और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
समझौते के तहत दोनों विश्वविद्यालय कौशल विकास और उद्यमिता विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों को संयुक्त रूप से विकसित और संचालित करेंगे. इसके अलावा सम्मेलन, संगोष्ठी, कार्यशाला, प्रशिक्षण कार्यक्रम, समर स्कूल, व्याख्यानमाला और संकाय विकास कार्यक्रमों का भी संयुक्त आयोजन किया जाएगा.
इससे दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान और अनुभवों के आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी.
संकाय और विशेषज्ञों का होगा आदान-प्रदान
एमओयू के तहत दोनों विश्वविद्यालय आवश्यकता और विशेषज्ञता के आधार पर शिक्षकों एवं विशेषज्ञों के आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहित करेंगे. इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक दृष्टिकोणों और नवीन शोध प्रवृत्तियों से परिचित होने का अवसर मिलेगा.
शैक्षणिक संसाधनों को करेंगे साझा
दोनों संस्थान पुस्तकें, शोध पत्रिकाएं, शिक्षण सामग्री, प्रकाशन, रिपोर्ट, ऑडियो-विजुअल संसाधन और अन्य अकादमिक सामग्री भी साझा करेंगे. इससे दोनों विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को मजबूती मिलेगी.
कुलपतियों ने जताई उम्मीद
एमजीसीयू के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने कहा कि यह समझौता दोनों विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है. उन्होंने विश्वास जताया कि यह सहयोग शोध, क्षमता निर्माण और विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के समग्र विकास के लिए नए आयाम स्थापित करेगा.
वहीं, केंद्रीय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) सत प्रकाश बंसल ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों के बीच इस प्रकार की साझेदारियां ज्ञान सृजन, नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच सार्थक शैक्षणिक संवाद और सहयोग को और अधिक मजबूत करेगा.
उच्च शिक्षा और नवाचार को मिलेगी नई दिशा
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह साझेदारी उच्च शिक्षा, नवाचार, उद्यमिता और शोध के क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म देगी. साथ ही देश में ज्ञान-आधारित समाज के निर्माण के राष्ट्रीय लक्ष्य को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी.
