मोतिहारी न्यूज: मोतिहारी प्रखंड के बसंतपुर में जर्जर और खुले बिजली तार की चपेट में आने से एक चापाकल मिस्त्री की मौत हो गयी. मृतक की पहचान स्थानीय निवासी शिवनाथ महतो के रूप में हुई है. घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया. घर के कमाऊ सदस्य की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
भैंस बांधने गये थे, तभी लगा करंट
परिजनों के अनुसार शिवनाथ महतो घर के पास अपनी भैंस बांधने के लिए गये थे. इसी दौरान वह जर्जर और खुले बिजली तार के संपर्क में आ गये. करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गये. हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गयी.
परिजनों के अनुसार करंट लगने के बाद शिवनाथ महतो की मौत हो गयी. घटना के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया. हादसे की सूचना मिलने के बाद आसपास के लोगों में भी बिजली विभाग की व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखी गयी.
मेहनत-मजदूरी से चलाते थे परिवार
शिवनाथ महतो पेशे से चापाकल मिस्त्री थे. वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. उनकी मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद मुश्किल हो गयी है. मृतक की चार बेटियां हैं, जिनकी शादी अभी नहीं हुई है.
मृतक के भाई भोला महतो ने कहा कि शिवनाथ की मौत के बाद पूरा परिवार बिखर गया है. अब चार बेटियों के भविष्य और परिवार के भरण-पोषण की चिंता सबसे बड़ी समस्या बन गयी है. उन्होंने सरकार और बिजली विभाग से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की.
जर्जर तारों को बदलने की उठी मांग
स्थानीय वार्ड पार्षद संतोष पासवान ने बताया कि इलाके में जर्जर बिजली तारों को हटाने और जरूरत वाले स्थानों पर बिजली के पोल लगाने की मांग पहले भी की जाती रही है. इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से कई जगह पुराने और खुले तार लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं.
उन्होंने बिजली विभाग से बसंतपुर क्षेत्र में जर्जर बिजली तारों की जांच कर उन्हें तत्काल बदलने की मांग की. साथ ही पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधान के तहत आर्थिक सहायता देने की भी मांग की.
समय रहते कार्रवाई होती तो टल सकता था हादसा
स्थानीय लोगों का कहना है कि जर्जर और खुले बिजली तार लंबे समय से खतरा बने हुए हैं. लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते इन तारों को बदल दिया जाता तो हादसे को टाला जा सकता था. ग्रामीणों ने बिजली विभाग से क्षेत्र में अभियान चलाकर जर्जर तारों और बिजली व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो.
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