Motihari: एग्रीकल्चर की की छात्राओं ने रंगोली के रूप में बनाया मणिछपरा गांव का मानचित्र

तिरहूत कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, ढोली के बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों के द्वारा सोमवार को मणिछपरा गांव में को सीख और रचनात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिला.

Motihari: पीपराकोठी. तिरहूत कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, ढोली के बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों के द्वारा सोमवार को मणिछपरा गांव में को सीख और रचनात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब तिरहुत कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, ढोली के बीएससी, ऑनर्स कृषि चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों ने रावे कार्यक्रम के अंतर्गत अपने ग्राम भ्रमण के अवलोकन के उपरांत मानचित्र तैयार किया. यह गतिविधि केविके के वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ. एके सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, केविके पिपराकोठी) तथा डॉ. गायत्री कुमारी पाधी (एसएमएस, पादप संरक्षण, कीटविज्ञान) के मार्गदर्शन में संपन्न हुई. इसमें स्कूल, जलाशय, नल-जल योजना, सोलर पैनल, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सेवाएं, किराना दुकान, खाद एवं बीज वितरण केंद्र, कृषि भूमि, मंदिर और मस्जिद, पोल्ट्री फार्म तथा लीची, केला और आम के बागान शामिल किए गए.इस पीआआर मानचित्रण ने छात्रों को न केवल गांव की स्पष्ट और व्यावहारिक समझ दी. बल्कि किसानों और विद्यार्थियों के बीच संबंध और संवाद को और गहरा किया. यह अनुभव छात्रों और गांववासियों, दोनों के लिए यादगार साबित हुआ.

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By SN SATYARTHI

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