पकड़ीदयाल चीनी मिल: मधुबन विधानसभा क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी खबर है. पकड़ीदयाल प्रखंड के चोरमा में करीब ₹180 करोड़ की लागत से चीनी मिल और डिस्टिलरी स्थापित करने की परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल गयी है. परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र के गन्ना किसानों को स्थानीय स्तर पर अपनी उपज बेचने का बाजार मिलने की उम्मीद है. साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है.
5000 टीसीडी क्षमता की होगी चीनी मिल
प्रस्तावित परियोजना मेसर्स श्री गणेश शुगर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता की ओर से स्थापित की जाएगी. इसके तहत 5000 टीसीडी क्षमता की चीनी मिल और 50 केएलपीडी क्षमता की डिस्टिलरी लगाने की योजना है. परियोजना में करीब ₹180 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है.
मिल के चालू होने के बाद स्थानीय किसानों को गन्ना बेचने के लिए दूर के बाजारों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है. इससे क्षेत्र में गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि हो सकती है.
कई इलाकों के किसानों को मिलेगा लाभ
इस परियोजना का लाभ केवल मधुबन विधानसभा क्षेत्र तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है. चिरैया, ढाका, मोतिहारी सदर, मधुबनी घाट, ढेकहां, शिवहर और आसपास के सीमावर्ती इलाकों के गन्ना किसानों के साथ नेपाल के तराई क्षेत्र के किसानों को भी इसका फायदा मिलने की संभावना जतायी जा रही है.
ग्रामीण इलाके में इतने बड़े निवेश से परिवहन, व्यापार और अन्य स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है.
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
चीनी मिल और डिस्टिलरी के संचालन के बाद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है. इससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम के विकल्प मिल सकते हैं. परियोजना से जुड़े परिवहन, कृषि और अन्य सहायक कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
विधायक बोले- किसानों से सीधे जुड़ा है उद्योग
मधुबन विधायक राणा रणधीर ने कहा कि वे इस परियोजना को क्षेत्र में लाने के लिए लगातार प्रयासरत थे. उनका उद्देश्य ऐसा उद्योग स्थापित कराना था, जिससे स्थानीय किसान सीधे जुड़ सकें और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें.
उन्होंने कहा कि चीनी मिल की स्थापना से क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और गन्ना किसानों को अपनी उपज के लिए स्थानीय बाजार उपलब्ध होगा.
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