Motihari News: मोतिहारी. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मोतिहारी के तत्वावधान में शनिवार को सदर अस्पताल में महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा एवं विधिक संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नितिन त्रिपाठी ने महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों और निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी. इस दौरान छात्रों एवं स्वास्थ्य प्रोफेशनल्स ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश भी दिया.
महिलाओं को महत्वपूर्ण कानूनों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में सचिव नितिन त्रिपाठी ने पूर्व-गर्भाधान और प्रसव-पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम तथा कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम सहित महिलाओं से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान, समानता, गरिमा और सुरक्षा की रक्षा केवल कानून की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है.
उत्पीड़न और हिंसा की स्थिति में कानूनी सहायता लेने की अपील
सचिव ने महिलाओं से अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, हिंसा, दहेज मांग या अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में उचित कानूनी सहायता प्राप्त करनी चाहिए.
उन्होंने बताया कि आर्थिक अथवा सामाजिक रूप से कमजोर व्यक्ति और अन्य पात्र वर्ग जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं.
नशामुक्ति का संदेश लेकर छात्रों ने प्रस्तुत किया नुक्कड़ नाटक
कार्यक्रम के दौरान नशामुक्त भारत अभियान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से छात्रों एवं स्वास्थ्य प्रोफेशनल्स ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया. नाटक के माध्यम से नशे के दुष्परिणाम, युवाओं एवं परिवारों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया.
लोगों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
नुक्कड़ नाटक की मौजूद लोगों ने सराहना की. कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया.
सचिव ने विधिक जागरूकता को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का भी आह्वान किया.
अधिकारी, अधिवक्ता और स्वास्थ्यकर्मी रहे मौजूद
कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता श्री दक्ष, पैरा लीगल वालंटियर रमन मिश्रा, सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. मुकेश कुमार, अस्पताल प्रबंधक कौशल किशोर दुबे सहित स्वास्थ्यकर्मी, छात्र और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे.
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