महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में एमए (हिंदू अध्ययन) की बची हैं कुछ सीटें, 27 जुलाई को पहुंचकर करा सकते हैं नामांकन

महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में एमए (हिंदू अध्ययन) पाठ्यक्रम में प्रवेश का अंतिम अवसर बचा है. 80% सीटें भर चुकी हैं. इच्छुक छात्र 27 जुलाई तक गांधी भवन पहुंचकर अपनी सीट सुरक्षित करा सकते हैं.

MGCUB Admission: महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में संचालित एमए (हिंदू अध्ययन) पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने का अंतिम अवसर बचा है. विश्वविद्यालय के अनुसार पाठ्यक्रम शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर ही करीब 80 प्रतिशत सीटों पर नामांकन हो चुका है.

अब इस पाठ्यक्रम में केवल कुछ सीटें ही शेष हैं.

छात्रों का बढ़ा रुझान

विश्वविद्यालय के अनुसार पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा के कुछ ही दिनों बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने नामांकन कराया.

संस्कृत विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों का रुझान लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण बची हुई सीटें भी जल्द भरने की संभावना है.

विभागाध्यक्ष ने की जल्द नामांकन की अपील

संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रो. प्रसून दत्त सिंह ने बताया कि इच्छुक छात्र-छात्राओं के लिए यह अंतिम और महत्वपूर्ण अवसर है.

उन्होंने कहा कि प्रवेश की प्रक्रिया 31 जुलाई तक निर्धारित है, लेकिन सीटें पहले भर जाने की संभावना को देखते हुए विद्यार्थियों को जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है.

27 जुलाई को विभाग पहुंचकर सुरक्षित कर सकते हैं सीट

प्रो. प्रसून दत्त सिंह ने इच्छुक विद्यार्थियों से 27 जुलाई को महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के गांधी भवन, बनकट परिसर स्थित संस्कृत विभाग पहुंचकर अपनी सीट सुरक्षित कराने का आग्रह किया.

उन्होंने सभी अभ्यर्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक अवसर साबित हो सकता है.

पाठ्यक्रम को लेकर विभाग का दावा

संस्कृत विभाग के अनुसार, एमए (हिंदू अध्ययन) के माध्यम से विद्यार्थी भारतीय ज्ञान परंपरा, आचार, विचार और जीवन मूल्यों का अध्ययन कर सकते हैं.

विभाग का कहना है कि यह पाठ्यक्रम जीवन शैली और वैचारिक समझ को विकसित करने की दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है.


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लेखक के बारे में

By अमृतेश कुमार

अमृतेश 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. खबर पर हमेशा पैनी नजर रखने वाले अमृतेश को क्षेत्रीय और जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. वर्तमान में ये डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में अपनी लेखनी के जरिए लगातार सक्रिय हैं.

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