मोतिहारी के कोटवा से शिवम कुमार की रिपोर्ट
Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है. इसी कड़ी में शनिवार को जिला पदाधिकारी ने कोटवा प्रखंड के गोपी छपरा पंचायत स्थित राजा टोडरमल से जुड़े ऐतिहासिक परिसर और अवशेषों का निरीक्षण किया.
पुराने भवनों और अवशेषों का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान डीएम ने परिसर में मौजूद पुराने भवनों, संरचनाओं और ऐतिहासिक अवशेषों का बारीकी से अवलोकन किया.
प्राथमिक जांच में सामने आया कि परिसर में मौजूद कुछ भवन करीब 110 वर्ष से अधिक पुराने हैं. भवनों में ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ पारंपरिक स्थापत्य कला की झलक भी देखने को मिली.
पर्यटन विकास की संभावनाओं पर होगा काम
जिला प्रशासन जिले के ऐसे ऐतिहासिक स्थलों की सूची तैयार कर रहा है, जिन्हें संरक्षित कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके.
इस दिशा में संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है. तैयार रिपोर्ट पर्यटन विभाग को भेजी जाएगी, ताकि संरक्षण और विकास कार्य को आगे बढ़ाया जा सके.
डीएम ने दिए जरूरी निर्देश
जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवनों की वर्तमान स्थिति, ऐतिहासिक महत्व, संरक्षण की आवश्यकता और पर्यटन विकास की संभावनाओं का समग्र सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जाए.
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करना प्रशासन की प्राथमिकता है और इससे जिले की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी.
स्थानीय लोगों को मिलेगा लाभ
अधिकारियों का मानना है कि यदि इस स्थल का समुचित विकास किया गया तो यह क्षेत्र पर्यटन के नक्शे पर उभर सकता है. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी.
प्रशासन का उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित कर उन्हें सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय विकास से जोड़ना है.
