India-Nepal Border: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है.रक्सौल पहुंचे जिलाधिकारी और एसपी ने 47वीं एसएसबी बटालियन कैंप में अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक की. इस बैठक में सीमा क्षेत्र की सुरक्षा और वहां चल रही विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई.
नो-मैन्स लैंड और सैनिक रोड से हटेगा अवैध कब्जा
बैठक के दौरान वीवीपी-II परियोजना, प्रस्तावित रक्सौल एयरपोर्ट निर्माण और एसएसबी (SSB) के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की मौजूदा स्थिति पर गहन चर्चा हुई. इस दौरान नो-मैन्स लैंड और सीमा से 15 किलोमीटर तक के दायरे में हुए अवैध अतिक्रमण को लेकर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई. डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम, एसडीपीओ और संबंधित अंचल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि सीमा क्षेत्र में किए गए सभी प्रकार के अतिक्रमण को जल्द से जल्द हटाया जाए. इसके साथ ही सैनिक रोड पर किए गए अतिक्रमण को भी तत्काल खाली कराने का आदेश दिया गया है.
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मंदिर और अन्य ढांचों को लेकर समन्वय बनाने का निर्देश
अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद डीएम और एसपी ने खुद रक्सौल एयरपोर्ट निर्माण स्थल और सिसवा पंचायत स्थित नो-मैन्स लैंड का ग्राउंड जीरो पर जाकर निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान नो-मैन्स लैंड पर बने एक मंदिर समेत अन्य स्थाई संरचनाओं को देखा गया. इस संवेदनशील मुद्दे पर डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ आपसी समन्वय स्थापित करें और नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें. प्रशासन ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया है कि देश की सुरक्षा और सीमा पर चल रही विकास योजनाओं में किसी भी तरह की बाधा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
मोतिहारी से सुजीत पाठक की रिपोर्ट
