Motihari News: सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, चिकित्सकों की कार्यक्षमता बढ़ाने और अनावश्यक रूप से मरीजों को रेफर करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के उद्देश्य से बुधवार को महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की संयुक्त अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार एवं उपाधीक्षक डॉ. एस.एन. सत्यार्थी ने की. बैठक में विभिन्न विभागों के नोडल पदाधिकारी एवं चिकित्सकों ने भाग लिया.
अनावश्यक रेफरल पर सिविल सर्जन की सख्ती
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने बिना ठोस चिकित्सीय कारण मरीजों को मेडिकल कॉलेज अथवा अन्य उच्च संस्थानों में रेफर करने की प्रवृत्ति पर नाराजगी जताई. उन्होंने सभी चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि केवल आवश्यक परिस्थितियों में ही मरीजों को रेफर किया जाए. साथ ही स्वास्थ्य बीमा एवं अन्य सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया.
बैठक से अनुपस्थित चिकित्सकों को चेतावनी
समीक्षा बैठक में चिकित्सकों की कम उपस्थिति पर सिविल सर्जन ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि भविष्य में बिना पूर्व सूचना अथवा उचित कारण के बैठक से अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
आईसीयू बेड बढ़ने से रेफरल मामलों में 50 प्रतिशत कमी
उपाधीक्षक डॉ. एस.एन. सत्यार्थी ने बताया कि सदर अस्पताल में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का सकारात्मक परिणाम सामने आया है. जून महीने में जहां 150 मरीजों को रेफर किया गया था, वहीं जुलाई में यह संख्या घटकर 74 रह गई. इस प्रकार रेफरल मामलों में लगभग 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है.
उन्होंने बताया कि पहले अस्पताल में केवल चार आईसीयू बेड थे, जिन्हें बढ़ाकर 10 कर दिया गया है. इससे गंभीर मरीजों का इलाज अब स्थानीय स्तर पर ही संभव हो रहा है और अनावश्यक रेफरल में कमी आई है.
स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने पर जोर
बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. शरतचंद्र शर्मा, वरीय चिकित्सक डॉ. अवधेश कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने, मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने तथा अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर चर्चा की.
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