Raxaul News: रक्सौल स्थित भारत-नेपाल सीमा पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू), 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) एवं सामाजिक संस्थाओं की सतर्कता से मानव तस्करी का एक बड़ा प्रयास विफल कर दिया गया. मैत्री ब्रिज पर नियमित जांच के दौरान टीम ने सीतामढ़ी निवासी करीब 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद करते हुए नेपाल के रौतहट निवासी 22 वर्षीय सेराज देवान को गिरफ्तार किया.
फेसबुक के जरिए संपर्क कर शादी का दिया झांसा
जांच के दौरान आरोपी ने पहले नाबालिग को अपना रिश्तेदार बताया, लेकिन एएचटीयू की गहन पूछताछ और काउंसलिंग में उसका दावा झूठा साबित हुआ. पूछताछ में खुलासा हुआ कि करीब एक माह पहले आरोपी ने फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से नाबालिग से संपर्क किया था. उसने प्रेम और शादी का झांसा देकर उसका विश्वास जीता तथा निजी फोटो और वीडियो हासिल कर बाद में उसी के आधार पर मानसिक दबाव बनाते हुए उसे मुजफ्फरपुर बुला लिया.
पंजाब से मुजफ्फरपुर और फिर नेपाल ले जाने की थी तैयारी
पुलिस के अनुसार नाबालिग अपने माता-पिता के साथ पंजाब के जालंधर में रह रही थी. आरोपी के बहकावे में आकर वह घर से निकलकर मुजफ्फरपुर पहुंची, जहां से आरोपी उसे नेपाल ले जा रहा था. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने भारत का फर्जी आधार कार्ड भी बनवा रखा था.
संयुक्त कार्रवाई से बची नाबालिग
परिजनों ने बताया कि नाबालिग दो अगस्त से लापता थी और उसकी तलाश की जा रही थी. एसएसबी, एएचटीयू, प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर और स्वच्छ रक्सौल संस्था की संयुक्त कार्रवाई से नाबालिग को संभावित शोषण और मानव तस्करी का शिकार होने से बचा लिया गया.
हरैया थाना में दर्ज हुआ मामला
आरोपी और नाबालिग को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए हरैया थाना के सुपुर्द कर दिया गया. स्वच्छ रक्सौल संस्था के अध्यक्ष रणजीत सिंह के आवेदन पर कांड संख्या 111/26 दर्ज कर पुलिस आरोपी के विरुद्ध अग्रिम कार्रवाई में जुटी है. अभियान में एएचटीयू, 47वीं वाहिनी एसएसबी, प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर तथा स्वच्छ रक्सौल संस्था के सदस्य शामिल रहे.
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