बारिश से रक्सौल बेहाल, सड़कें बनी तालाब; अगले 4 दिन और बरसेंगे बादल

रक्सौल शहर में हुई झमाझम बारिश ने जहाँ गर्मी से राहत दी, वहीं कई इलाकों में गंभीर जलजमाव की स्थिति पैदा कर दी. मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक पानी भर जाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. स्थानीय लोगों ने जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है.

Raxaul Waterlogging: सीमावर्ती शहर रक्सौल में गुरुवार को रुक-रुककर हुई झमाझम बारिश ने जहां गर्मी से राहत दिलाई, वहीं शहर के कई हिस्सों में जलजमाव की समस्या खड़ी कर दी. मुख्य सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक पानी भर जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित रहा.

बारिश थमने के बाद निकली धूप ने उमस बढ़ा दी, जिससे लोगों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ी.

अगले 3 से 4 दिन तक बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वातावरण में 78 प्रतिशत आर्द्रता रहने से उमस बनी रही, जबकि हवा की रफ्तार करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटा रही.

पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले तीन से चार दिनों तक रक्सौल और आसपास के इलाकों में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है. विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

सुबह की बारिश से थमी रफ्तार

सुबह तेज बारिश के कारण अधिकांश लोग घरों में ही रहे. जरूरी काम से निकलने वाले लोग छाता और रेनकोट का सहारा लेते दिखाई दिए.

स्कूल खुलने के कारण छात्र-छात्राएं भी बारिश के बीच रेनकोट और छाता लेकर स्कूल पहुंचे. कई छोटे बच्चे बारिश का आनंद लेते हुए रास्ते में पानी के बीच खेलते नजर आए.

शहर के कई इलाकों में जलजमाव

बारिश के बाद रक्सौल जंक्शन के प्रवेश द्वार, रेलवे कॉलोनी, तुमरिया टोला, मेन रोड, सब्जी बाजार और अनुमंडल मुख्यालय सहित कई निचले इलाकों में पानी भर गया.

जलजमाव के कारण पैदल राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

लोगों ने उठाए जलनिकासी पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश के साथ शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल जाती है. समय पर पानी नहीं निकलने से आवागमन प्रभावित होता है और व्यापार पर भी असर पड़ता है.

लोगों ने नगर प्रशासन से नालों की नियमित सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में इस समस्या से राहत मिल सके.

बारिश से किसानों और पर्यावरण को राहत जरूर मिली है, लेकिन शहर के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं.


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Author: Prabhat khabar news desk

Published by: Aaruni Thakur

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