10 माह पहले हुआ शिलान्यास, फिर भी पुल की एक ईंट तक नहीं जुड़ी, 30 हजार लोग पूछ रहे- आखिर कब बनेगा गोड़ाघाट पुल?

मोतिहारी के गोड़ाघाट पुल का शिलान्यास 10 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अधर में लटका है. लगभग आठ करोड़ की लागत से बनने वाले इस पुल का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है. 30 वर्षों से पुल निर्माण की मांग कर रहे हजारों ग्रामीण परेशान हैं.

 Motihari News: हरसिद्धि और तुरकौलिया प्रखंड को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित गोड़ाघाट पुल का शिलान्यास हुए 10 माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल का शिलान्यास 5 अक्टूबर 2025 को पूर्व गन्ना मंत्री सह हरसिद्धि विधायक कृष्णनंदन पासवान ने किया था. ग्रामीणों का कहना है कि शिलान्यास के बाद भी स्थल पर न मिट्टी भराई हुई और न ही निर्माण सामग्री पहुंची है. बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है.

Turkaulia News: 10 माह बाद भी निर्माण स्थल पर नहीं दिखा काम

ग्रामीणों के अनुसार पुल के शिलान्यास के समय दशकों पुरानी समस्या के समाधान की उम्मीद जगी थी. लेकिन 10 माह बाद भी निर्माण स्थल पर कोई ठोस काम शुरू नहीं हुआ है. न मिट्टी भराई हुई है और न निर्माण सामग्री गिराई गई है.

लोगों का कहना है कि यदि जल्द निर्माण शुरू नहीं हुआ तो इस वर्ष भी बरसात के दौरान आवागमन की पुरानी समस्या बनी रहेगी.

30 वर्षों से पुल निर्माण की मांग

समाजसेवी विवेक सहनी ने बताया कि ग्रामीण करीब 30 वर्षों से गोड़ाघाट पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं. पुल नहीं होने के कारण स्थानीय लोग चंदा जुटाकर चचरी पुल बनाते रहे हैं. कई बार नदी में मिट्टी भरकर भी अस्थायी रूप से आवागमन का रास्ता तैयार किया जाता है.

बरसात में नदी का पानी बढ़ने के साथ ये अस्थायी व्यवस्थाएं भी बेकार हो जाती हैं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.

30 हजार लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

ग्रामीणों के अनुसार गोड़ाघाट पुल बनने से जयसिंहपुर उत्तरी, जयसिंहपुर दक्षिणी और जयसिंहपुर पूर्वी पंचायत के करीब 30 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा. पुल बनने के बाद जयसिंहपुर से हरसिद्धि की दूरी महज 10 से 15 मिनट में तय की जा सकेगी.

वहीं हरसिद्धि प्रखंड के धवही, बैरिया डीह समेत कई गांवों की तुरकौलिया से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी.

नदी पार करने के दौरान हो चुके हैं हादसे

ग्रामीणों ने बताया कि पुल के अभाव में नदी पार करते समय पहले भी कई हादसे हो चुके हैं. कई लोगों को डूबने से बचाया गया, जबकि कुछ लोगों की जान भी जा चुकी है. ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण केवल आवागमन को आसान बनाने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है.

पिछले वर्ष गोड़ाघाट निवासी सतीश सहनी के पुत्र नितेश से जुड़ी घटना का उल्लेख करते हुए ग्रामीणों ने नदी पार करने के जोखिम की ओर ध्यान दिलाया.

शिलान्यास के बाद काम शुरू कराने की जिम्मेदारी किसकी?

ग्रामीणों का कहना है कि शिलान्यास के बाद अब यह स्पष्ट होना चाहिए कि निर्माण कार्य शुरू कराने की जिम्मेदारी किस विभाग या एजेंसी की है. लोगों ने प्रशासन से निर्माण में हो रही देरी की जानकारी सार्वजनिक करने और जल्द काम शुरू कराने की मांग की है.

ग्रामीणों ने जल्द निर्माण शुरू कराने की मांग की

हरेंद्र सहनी, दिनदयाल सहनी, लालबाबू सहनी, गोपाल सहनी, संतोष बैठा, भुवन साह और पन्नालाल सहनी समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से गोड़ाघाट पुल का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने से आवागमन, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी.

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By Prabhat khabar news desk

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