गांधी जयंती पर होती है श्रद्धांजलि, फिर भी उनकी प्रतिमा तक पहुंचने वाला रास्ता क्यों बदहाल?

महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचने का रास्ता आज भी कच्चा है. बारिश में कीचड़, जयन्ती पर वादे, जानिए कब होगा पक्का.

Motihari News:  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी विरासत को संजोने और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की बातें होती हैं, लेकिन पूर्वी चंपारण के कोटवा प्रखंड में गांधी की प्रतिमा तक पहुंचने का रास्ता आज भी पक्की सड़क का इंतजार कर रहा है.

प्रखंड अंतर्गत महात्मा गांधी मध्य विद्यालय पट्टी के प्रांगण में महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित है. प्रतिमा स्थल तक पहुंचने वाला रास्ता वर्षों से कच्चा है. विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ ग्रामीण भी इसी रास्ते से होकर प्रतिमा स्थल तक पहुंचते हैं.

 गांधी की प्रतिमा तक आज भी कच्चा रास्ता

महात्मा गांधी मध्य विद्यालय पट्टी के परिसर में स्थापित प्रतिमा तक पहुंचने के लिए अब तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है. कच्चे रास्ते से ही विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों का आवागमन होता है.

ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय से रास्ते को पक्का कराने की जरूरत महसूस की जा रही है. इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है.

बारिश में कीचड़ में तब्दील हो जाता है रास्ता

बारिश शुरू होते ही प्रतिमा स्थल तक जाने वाला कच्चा रास्ता कीचड़ में बदल जाता है. इससे विद्यार्थियों और ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है.

विद्यालय परिसर में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान भी लोगों को इसी रास्ते से होकर प्रतिमा स्थल तक पहुंचना पड़ता है. बारिश के दिनों में कीचड़ के कारण रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है.

2 अक्टूबर को होती है गांधी जयंती की गतिविधियां

महात्मा गांधी की जयंती पर हर वर्ष 2 अक्टूबर को विद्यालय परिसर स्थित प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.

इस मौके पर अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं. कार्यक्रम के दौरान गांधी जी के विचारों, आदर्शों और उनके बताए रास्ते पर चलने की चर्चा भी होती है.

समारोह खत्म होते ही फिर पीछे छूट जाती है समस्या

ग्रामीणों का कहना है कि गांधी जयंती के मौके पर प्रतिमा स्थल पर कार्यक्रम आयोजित होते हैं और पहुंच पथ की समस्या भी सामने रहती है. लेकिन समारोह समाप्त होने के बाद रास्ते की समस्या फिर पीछे छूट जाती है.

लोगों का कहना है कि गांधी की प्रतिमा तक पहुंचने के लिए बेहतर रास्ता होना जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी नहीं हो.

पक्की सड़क बनने से मिलेगी सुविधा

प्रतिमा स्थल तक पक्की सड़क बनने से विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ स्थानीय ग्रामीणों को भी सुविधा मिलेगी. बारिश के दिनों में कीचड़ की समस्या से भी राहत मिल सकेगी.

स्थानीय स्तर पर लोगों की उम्मीद है कि गांधी जयंती के मौके पर प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस समस्या को गंभीरता से लेंगे और प्रतिमा स्थल तक पहुंच पथ को पक्का कराने की दिशा में पहल करेंगे.

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लेखक के बारे में

By सामंत कुमार गौतम

सामंत वर्ष 2013 से यानी पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वाणिज्य (बी.कॉम) और कानून (एलएलबी) स्नातक सामंत को समाचार संकलन, संपादन, कंप्यूटर तकनीक और समाचार प्रबंधन का व्यापक अनुभव है. ये पत्रकारिता के साथ-साथ समाचारों के तकनीकी व प्रबंधकीय कार्यों में विशेष रुचि रखते हैं.

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