घोड़ासहन (पूचं). प्रखंड क्षेत्र के अमवा में 1 करोड़ 59 लाख की लागत से बन रहे पुल के गिरने की जांच करने मुजफ्फरपुर की एफएसएल व पुलिस टीम सोमवार को घटना स्थल पर पहुंची. एफएसएल की दो सदस्यीय टीम व छौड़ादानो अंचल निरीक्षक धनंजय कुमार ने संयुक्त रूप से जांच की. जांच के दौरान घटनास्थल से टीम को कई सबूत गायब मिले. एफएसएल टीम के अधिकारी ने बताया कि जब पुल निर्माण कंपनी ने पुल गिरने की घटना को लेकर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है, तब सारे सबूत यहां से नहीं हटाने चाहिए थे. पुल निर्माण एजेंसी ने रातो रात गिरे पुल का मलबा गायब कर दिया है. इससे प्रथम दृष्टया पुल निर्माण एजेंसी की लापरवाही सामने आ रही है. अंचल निरीक्षक ने आसपास के ग्रामीणों से पुल गिरने की घटना के बारे में जानकारी ली. ग्रामीणों के बयान को दर्ज किया.
मौके पर एफएसएल टीम व अंचल निरीक्षक के साथ पुअनि विकास कुमार, दीपक कुमार व पुलिस बल मौजूद रहे. बताते चलें कि शनिवार की रात ढलाई के बाद 1 करोड़ 59 लाख की लागत से बन रहा पुल गिर गया. ग्रामीणों ने घटिया पुल निर्माण कार्य को लेकर पुल निर्माण एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की व प्रदर्शन किया था. 17.95 मीटर की लंबाई में बन रहे पुल का शिलान्यास बीते 10 मार्च को शिवहर की तत्कालीन सांसद रमा देवी ने किया था. पुल का निर्माण धीरेंद्र कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कर रही है.
टीम गठित कर जांच हो: डाॅ खालिद
मोतिहारी. जदयू के विधान पार्षद डाॅ खालिद अनवर ने कहा कि घोड़ासहन में ध्वस्त गिरना दुर्भाग्यपूर्ण है. मानक के अनुसार सामान की गुणवत्ता में कमी के कारण इस तरह की घटना हाे जाती है. कहा कि इसको लेकर डीएम स्वयं टीम गठित कर जांच करायें. इससे सही बात सामने आएगी. इसको लेकर विभागीय मंत्री से बात की जायेगी .
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