Motihari News: 32वीं राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 की तैयारियों को लेकर मंगलवार को जिला स्कूल परिसर में जिला स्तरीय एक दिवसीय मार्गदर्शक शिक्षक कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को बाल विज्ञान कांग्रेस की कार्यप्रणाली और वैज्ञानिक परियोजनाओं के निर्माण के लिए प्रशिक्षित करना था.
इस कार्यशाला का आयोजन साइंस फॉर सोसाइटी के तत्वावधान में किया गया.
वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर दिया गया जोर
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) राजन कुमार गिरी और साइंस फॉर सोसाइटी के जिला समन्वयक डॉ. विनय पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
अपने संबोधन में डीईओ ने कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है. उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और बाल विज्ञान कांग्रेस में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने की अपील की.
स्थानीय समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान पर चर्चा
कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे साइंस फॉर सोसाइटी, बिहार के अध्यक्ष प्रो. सुरेश चंद्र प्रसाद ने बाल विज्ञान कांग्रेस के उद्देश्य, महत्व और कार्यप्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि यह मंच बच्चों की वैज्ञानिक प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ स्थानीय समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
प्रोजेक्ट तैयार करने की दी गई जानकारी
साइंस फॉर सोसाइटी, पूर्वी चंपारण के जिला सचिव विजय कुमार ने बाल वैज्ञानिकों के लिए परियोजना निर्माण, विषय चयन, अनुसंधान पद्धति और प्रोजेक्ट प्रस्तुतीकरण की तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी.
वहीं कीर्ति कुमारी और अवनीश कुमार सुमन ने भी बाल विज्ञान कांग्रेस के विभिन्न पहलुओं पर उपयोगी सुझाव साझा किए.
विज्ञान शिक्षा को प्रयोगात्मक बनाने पर बल
जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष नवल किशोर सिंह ने कहा कि विद्यालयों में विज्ञान शिक्षा को प्रयोगात्मक और शोध आधारित बनाना जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो सके.
कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनय पांडेय ने किया, जबकि पंजीकरण कार्य का संचालन जितेंद्र कुमार चौधरी और अमित रंजन तिवारी ने किया. जिला स्कूल, मोतिहारी के प्रधानाचार्य रोहित कुमार ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया.
