Fake Currency Gang: पूर्वी चंपारण पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है. गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया. मौके से करीब चार लाख रुपये अंकित मूल्य के जाली नोट, हथियार, पुलिस की वर्दी, मोबाइल फोन और तीन मोटरसाइकिल बरामद हुई हैं.
पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है.
योजनाबद्ध छापेमारी में मिली बड़ी सफलता
यह कार्रवाई डीएसपी जितेश पांडेय के नेतृत्व में की गई. अभियान में मुफस्सिल थाना के इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष अमित कुमार, अपर थानाध्यक्ष चंदन कुमार समेत पुलिस टीम के कई अधिकारी और जवान शामिल रहे.
पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर आरोपितों को गिरफ्तार किया और बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की.
क्या-क्या हुआ बरामद?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 34 हजार रुपये नकद के अलावा 500 रुपये मूल्यवर्ग के 'Children Bank' अंकित करीब चार लाख रुपये के जाली नोट बरामद किए.
इसके साथ ही 100 और 200 रुपये के नोट के आकार के बड़ी संख्या में सादे कागज भी मिले हैं. पुलिस को आशंका है कि इनका इस्तेमाल नकली नोट तैयार करने में किया जाना था.
हथियार, वर्दी और मोबाइल भी मिले
पुलिस ने मौके से एक देशी कट्टा, एक कारतूस, आठ मोबाइल फोन, तीन मोटरसाइकिल और पुलिस की तीन वर्दियां भी जब्त की हैं.
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन वर्दियों का इस्तेमाल लोगों को झांसा देने या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में किया जाता था या नहीं.
पूछताछ में मिल रहे हैं अहम सुराग
पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है. प्रारंभिक पूछताछ में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं.
जांच का फोकस इस बात पर है कि गिरोह कब से सक्रिय था, नकली नोट कहां तैयार किए जाते थे और उनकी आपूर्ति किन-किन जिलों तक की जाती थी.
अन्य आरोपितों की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है. मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे होने की संभावना है.
