Motihari News: मोतिहारी जिले में स्थानीय निकाय शिक्षकों के ईपीएफओ (EPFO) अंशदान में भारी लापरवाही और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है. इसे लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय (स्थापना शाखा) ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ब्रजेश कुमार ने जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को कड़े निर्देश जारी करते हुए लापरवाही बरतने वालों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है.
मृत और रिटायर शिक्षकों के खाते में जा रहे पैसे
विभागीय पत्र के मुताबिक, कई ऐसी शिकायतें मिली हैं जहां शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने या निधन के महीनों बाद भी उनके यूएएन (UAN) खाते में सरकारी अंशदान जमा किया जा रहा है. डीपीओ ने इसे घोर वित्तीय लापरवाही माना है. यह गड़बड़ी प्रखंड स्तर पर ईपीएफओ विपत्र को हर महीने अपडेट नहीं करने और बिना जांच-पड़ताल के फाइलें जिला कार्यालय भेजने की वजह से हो रही है. निर्देश में साफ कहा गया है कि भविष्य में ऐसी गलती दोहराए जाने पर संबंधित बीईओ और पे-मेकर पर सख्त कार्रवाई होगी.
हर महीने की 22 तारीख की डेडलाइन तय
नए नियम के तहत, सभी बीईओ को अब हर महीने की 22 तारीख तक सिर्फ उन्हीं शिक्षकों का ईपीएफओ विपत्र (सॉफ्ट और हार्ड कॉपी) जमा करना होगा, जो उस महीने कार्यरत रहे हैं. यह डेटा भेजने से पहले वेतन विपत्र और उपस्थिति रजिस्टर से मिलान करना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके साथ ही बीईओ को एक घोषणा पत्र भी सौंपना होगा कि संबंधित शिक्षक पूरे महीने उपस्थित रहे हैं.
छूटे अंशदान के लिए शिक्षकों को 3 दिन का अल्टीमेटम
जिन शिक्षकों के ईपीएफओ खाते में बीच के महीनों का अंशदान ट्रांसफर नहीं हुआ है, उन्हें पत्र जारी होने के 3 दिन के भीतर अपने छूटे हुए महीनों का विवरण और यूएएन पासबुक की कॉपी प्रखंड कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया है. बीईओ को एक हफ्ते के अंदर यह सूची जिला कार्यालय को भेजनी होगी. इसके अलावा यह भी स्पष्ट किया गया है कि 58 वर्ष से अधिक उम्र के शिक्षकों के वेतन से ईपीएफओ की कटौती नहीं की जाएगी. यदि अंशदान भेजने में विभाग पर कोई जुर्माना लगता है, तो उसकी वसूली दोषी पे-मेकर से की जाएगी.
