Teachers Leave new SOP: सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के अवकाश (छुट्टी) की स्वीकृति को लेकर शिक्षा विभाग ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय (स्थापना शाखा) के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ब्रजेश कुमार ने इस संबंध में जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को पत्र जारी कर आदेश का अनुपालन करने का निर्देश दिया है. यह आदेश स्थानीय निकाय के शिक्षकों को छोड़कर प्राथमिक, मध्य और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के सभी शिक्षकों पर लागू होगा.
3 कार्य दिवसों में निपटाने होंगे आवेदन
नए नियमों के तहत छुट्टियों की व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है. अब सहायक और विशिष्ट शिक्षकों के आकस्मिक अवकाश (CL) की स्वीकृति सीधे विद्यालय के प्रधान शिक्षक या प्रधानाध्यापक करेंगे. वहीं प्रधानाध्यापकों के आकस्मिक अवकाश को संबंधित BEO मंजूरी देंगे. अन्य लंबी छुट्टियों के आवेदनों को आगे बढ़ाने (फॉर्वर्ड करने) के लिए अधिकारियों को अधिकतम तीन कार्य दिवसों का समय दिया गया है. तय समय में आवेदन आगे न बढ़ाने पर ठोस कारण लिखित रूप में दर्ज करना होगा.
चाइल्ड केयर लीव के नियम हुए बेहद सख्त
चाइल्ड केयर लीव को लेकर विभाग ने विशेष रूप से सख्ती बढ़ा दी है. अब यदि कोई महिला शिक्षिका बच्चे की बीमारी के आधार पर अवकाश मांगती है, तो पूर्वी चम्पारण के सिविल सर्जन या राज्य के किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही बच्चे का जन्म प्रमाण-पत्र और परीक्षा की स्थिति में परीक्षा का साक्ष्य भी देना होगा. दस्तावेजों के अभाव में आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा.
ई-शिक्षाकोष पोर्टल और सर्विस बुक में होगी एंट्री
विभाग ने स्पष्ट किया है कि छुट्टी स्वीकृत होने के बाद उसकी प्रविष्टि शिक्षक की सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) और 'ई-शिक्षाकोष' पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी. वेतन भुगतान में रुकावट से बचने के लिए लंबी छुट्टी हेतु कम से कम एक महीने पहले आवेदन करने की सलाह दी गई है.
