Motihari News: डीआरयूसीसी (डिविजनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी) की तीसरी बैठक में रेलवे कंसल्टेटिव कमेटी के सदस्य भार्गव प्रसाद शर्मा ने चकिया रेलवे स्टेशन के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के समक्ष रखीं. उन्होंने नए प्लेटफॉर्म के निर्माण से लेकर वंदे भारत एक्सप्रेस के ठहराव तक कई प्रस्तावों पर जल्द कार्रवाई की मांग की.
उन्होंने कहा कि चकिया अनुमंडलीय स्टेशन होने के बावजूद यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है.
एक प्लेटफॉर्म होने से बढ़ रही परेशानी
डीआरएम को सौंपे गए मांगपत्र में बताया गया कि स्टेशन पर केवल एक प्लेटफॉर्म होने के कारण एक समय में दूसरी ट्रेन का संचालन प्रभावित होता है.
इस वजह से दोनों दिशाओं के यात्रियों की भीड़ एक ही प्लेटफॉर्म पर जमा हो जाती है, जिससे विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी कठिनाई होती है.
शेड, कोच इंडिकेटर और पेयजल की भी मांग
मांगपत्र में प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त शेड नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया. बारिश और तेज धूप के दौरान यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर कोच इंडिकेटर लगाने और शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था करने की मांग भी की गई.
ओवरब्रिज और धूल की समस्या उठाई
रेलवे क्रॉसिंग संख्या 137 पर ओवरब्रिज नहीं होने से लोगों को हो रही दिक्कतों का भी जिक्र किया गया.
साथ ही लाइन संख्या-4 पर मालगाड़ियों से अनलोडिंग के दौरान उड़ने वाली धूल से यात्रियों और आसपास के लोगों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाते हुए वहां नियमित पानी का छिड़काव कराने की मांग की गई.
वंदे भारत और साप्ताहिक एक्सप्रेस के ठहराव की मांग
भार्गव प्रसाद शर्मा ने गोरखपुर-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस (26501/26502) तथा राधिकापुर-आनंद विहार साप्ताहिक एक्सप्रेस (14011/14012) का चकिया स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने की मांग भी की.
उन्होंने कहा कि चकिया अनुमंडल मुख्यालय होने के कारण यहां यात्रियों की संख्या काफी अधिक रहती है. ऐसे में इन ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से लोगों को दूसरे स्टेशनों पर जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है. रेलवे से इन सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की गई है.
