Motihari: किसी कार्यक्रम में बिना इजाजत नहीं उड़ा सकेगा ड्रोन

ड्रोन का बढ़ता इस्तेमाल और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार ने डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म से जुड़े कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सख्त कदम उठाए हैं.

Motihari: वरीय संवाददाता,मोतिहारी.ड्रोन का बढ़ता इस्तेमाल और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार ने डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म से जुड़े कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सख्त कदम उठाए हैं. गृह विभाग, बिहार सरकार के निर्देश पर विशेष शाखा, बिहार पुलिस मुख्यालय ने पूर्वी चंपारण सहित राज्य के सभी जिलों में जिला स्तरीय समिति के गठन का आदेश जारी किया है. समित गठन के साथ ड्रोन उड़ाने वालों को पंजीयन कराने होंगे. भारत नेपाल सीमावर्ती पूर्वी चम्पारण में घोड़ासहन,कुंडवाचैनपुर आदि इलाके में कई बार ड्रोन पकड़े जा चुके हैं. जिला स्तर पर गठित होगी निगरानी समिति प्रत्येक जिले में गठित होने वाली समिति के अध्यक्ष जिला पदाधिकारी होंगे, जबकि वरीय पुलिस अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे. इसके अलावा जिला पदाधिकारी द्वारा नामित एक अन्य पदाधिकारी को भी समिति में सदस्य बनाया जाएगा. समिति को डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म से संबंधित सभी कार्यों की निगरानी, समन्वय और अनुपालन की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. अब पंजीकरण कराना होगा अनिवार्य निर्देश में कहा गया है कि ड्रोन के माध्यम से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण अनिवार्य होगा. इसके साथ ही ड्रोन नियम, 2021 और केंद्र सरकार द्वारा जारी एसओपी की प्रति सूबे के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को उपलब्ध कराई जाएगी. ताकि नियमों का सख्ती से पालन कराया जा सके. इससे मजबूत होगी सुरक्षा व्यवस्था जिला स्तरीय समिति के गठन के बाद ड्रोन संचालन से जुड़े मामलों में निगरानी और नियंत्रण और मजबूत होने की उम्मीद है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इससे न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि अवैध और अनियंत्रित ड्रोन उड़ानों पर भी प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी. आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर पुलिस मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है. खास कर शादी शादी विवाह में ड्रोन का इस्तेमाल सुरक्षा मानकों को ताक पर रख कर किया जा रहा है. कई ऐसे विवाह भवन हैं जो सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों के आसपास है. ड्रोन के अनधिकृत उपयोग से हैं सुरक्षा को खतरा भारत नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र पूर्वी व पश्चमी चम्पारण के संदर्भ में यह निर्णय खास माना जा रहा है, क्योंकि भारत नेपाल सीमावर्ती जिले में कई महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठान, शैक्षणिक संस्थान और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र हैं. ऐसे में ड्रोन के अनधिकृत उपयोग से सुरक्षा को खतरा हो सकता है. पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वीवीआईपी व वीआईपी मूवमेंट, महत्वपूर्ण आयोजनों और संवेदनशील अवसरों पर ड्रोन नियम, 2021 के तहत अस्थायी रेड जोन घोषित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे.

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