Motihari News: मोतिहारी में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अगले तीन महीने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का फैसला लिया है. मंगलवार को सदर अस्पताल स्थित आरोग्य भवन सह पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने अधिकारियों को तीन माह का माइक्रो प्लान तैयार करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य योजनाओं के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय किए जाएं, ताकि मरीजों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें.
ओपीडी और आईपीडी की हुई समीक्षा
बैठक में बताया गया कि अप्रैल से जून के बीच जिले के ओपीडी में 16.10 लाख से अधिक मरीजों का पंजीकरण हुआ.
समीक्षा में मेहसी और रक्सौल ने लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि सुगौली और रामगढ़वा की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई. वहीं आईपीडी पंजीकरण में रामगढ़वा पीएचसी पहले स्थान पर रहा.
एएनसी और संस्थागत प्रसव पर जताई चिंता
डीएम ने चौथी एएनसी जांच और संस्थागत प्रसव की कम उपलब्धि पर चिंता व्यक्त की.
उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को आशा कार्यकर्ताओं के साथ नियमित समीक्षा कर कमियों को दूर करने और सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया.
सी-सेक्शन सुविधा बढ़ाने के निर्देश
समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि अप्रैल से जून के बीच सदर अस्पताल में 333 सी-सेक्शन ऑपरेशन किए गए, जबकि चकिया और रक्सौल में इनकी संख्या काफी कम रही.
अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में यह सुविधा शुरू नहीं होने पर डीएम ने नाराजगी जताई और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार जल्द सेवा शुरू कराने के निर्देश दिए.
डेंगू नियंत्रण पर विशेष जोर
बैठक में डेंगू की स्थिति की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष जिले में अब तक चार डेंगू मरीज मिले हैं.
डीएम ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में फॉगिंग मशीन उपलब्ध कराने और नियमित फॉगिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.
आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाने के निर्देश
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक 14.81 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं.
अरेराज, रक्सौल और हरसिद्धि इस अभियान में सबसे आगे रहे, जबकि बंजरिया, सुगौली और कल्याणपुर की प्रगति सबसे कमजोर पाई गई. डीएम ने पात्र लाभुकों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए अभियान तेज करने का निर्देश दिया.
बैठक में उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार, सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार सिंह, एसीएमओ डॉ. एस.एन. सत्यार्थी सहित जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद रहे.
