Motihari News: तकनीकी शिक्षा में उत्कृष्टता, अनुसंधान और नवीन शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मोतिहारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (MCE) और मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर (MMTTC), आईआईटी पटना के संयुक्त तत्वावधान में एक बहुआयामी एवं उच्च स्तरीय साप्ताहिक शैक्षणिक व फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता एमसीई के प्राचार्य प्रो. नवनीत कुमार ने की.
आईआईटी पटना के साथ सहयोगात्मक पहल मील का पत्थर: प्राचार्य
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एमसीई मोतिहारी के प्राचार्य प्रो. नवनीत कुमार ने शिक्षा प्रणाली में हो रहे आधुनिक बदलावों और नवाचार पर प्रकाश डाला.
उन्होंने कहा कि आईआईटी पटना जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान के साथ यह सहयोगात्मक पहल महाविद्यालय के संकाय सदस्यों के बौद्धिक, शैक्षणिक और तकनीकी विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी.
क्षेत्रीय और राष्ट्रीय संस्थानों के बीच सहयोग जरूरी: प्रो. प्रसून दत्ता सिंह
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (MGCU) के परिसर निदेशक प्रो. प्रसून दत्ता सिंह ने उच्च शिक्षा में क्षेत्रीय व राष्ट्रीय संस्थानों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान पर जोर दिया.
उन्होंने तकनीकी और गैर-तकनीकी संस्थानों के बीच समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए इस प्रकार के संयुक्त आयोजनों की सराहना की.
समाज की समस्याओं का तकनीकी समाधान निकालें शोधकर्ता: डीएम
द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने तकनीकी शिक्षा के सामाजिक सरोकार और चंपारण के समग्र विकास में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया.
डीएम ने प्रशासन और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल पर बल देते हुए शिक्षकों, शोधकर्ताओं और छात्र-छात्राओं को स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक व तकनीकी समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया.
आईआईटी पटना के विशेषज्ञों ने आधुनिक शिक्षाशास्त्र पर किया मंथन
कार्यक्रम में एमएमटीटीसी, आईआईटी पटना से आए वरिष्ठ एवं अनुभवी विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं.
विशेषज्ञों ने इंजीनियरिंग शिक्षा में उभरती नई तकनीकों, आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों और शिक्षण शैलियों पर विस्तार से चर्चा की. इस अवसर पर कॉलेज के सभी प्राध्यापक, अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
