Motihari Promotion News: बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में लिपिकों की पदोन्नति का मामला अधर में अटका हुआ है. इससे नाराज कर्मचारियों ने अब जिलाधिकारी का दरवाजा खटखटाया है. पिपराकोठी प्रखंड कार्यालय में तैनात उच्च वर्गीय लिपिक धर्मवीर चौधरी ने सभी प्रभावित लिपिकों की ओर से डीएम को आवेदन सौंपकर न्याय की मांग की है.
प्रशासनिक शिथिलता का आरोप
सौंपे गए पत्र में बताया गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प संख्या 19300 (दिनांक 13.10.2023) के तहत अस्थायी कार्यकारी व्यवस्था के तहत उच्चतर पदों पर पदोन्नति दी जानी थी. नियम के मुताबिक हर महीने इसकी समीक्षा कर संचिका जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जानी थी. लेकिन प्रशासनिक शिथिलता के कारण आदेश का पालन नहीं हो रहा है, जिससे दर्जनों कर्मचारी वित्तीय लाभ और अपने हक से वंचित हैं.
जिले में 100 से अधिक पद खाली
पत्र के माध्यम से जिले में रिक्त पदों का ब्योरा भी साझा किया गया है. अगस्त 2025 से लेकर अब तक सेवानिवृत्ति व अन्य कारणों से कई पद रिक्त पड़े हैं:
- सहायक प्रशासी पदाधिकारी: 11 पद
- प्रधान लिपिक: 15 पद
- उच्च वर्गीय लिपिक: 87 पद (पूर्व की रिक्तियों सहित)
डीएम से हस्तक्षेप की मांग
कर्मचारियों का कहना है कि 100 से अधिक पद खाली होने के बावजूद योग्य लिपिकों को वरीयता के आधार पर प्रभार नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने डीएम सौरभ सुमन यादव से इस गंभीर मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द पदोन्नति प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की है.
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