Motihari:बच्चों के पोषण की निगरानी रिपोर्ट जारी, 61.30% बच्चों का ही हो सका माप-तौल

जिले में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर की निगरानी को लेकर 13 जुलाई तक रिपोर्ट जारी की गई है.

मोतिहारी. जिले में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर की निगरानी को लेकर 13 जुलाई तक रिपोर्ट जारी की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, कुल 4,62,190 सक्रिय बच्चों में से केवल 2,83,306 बच्चों की ही वृद्धि निगरानी जिले के 28 बाल विकास परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्राें पर की जा सकी है. यह आंकड़ा जिले भर में मात्र 61.30 प्रतिशत बच्चों के माप-तौल को दर्शाता है, जो कि चिंता का विषय है. रिपोर्ट के अनुसार, कुछ परियोजनाओं में निगरानी कार्य सराहनीय रहा तो कई क्षेत्रों में काफी लापरवाही देखी गई है. जारी रिपोर्ट अनुसार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली परियोजना में बनकटवा 86.34%, तुरकौलिया 81.13, कोटवा 79.08, पिपराकोठी 76.73 शामिल है. इसी प्रकार सबसे खराब स्थिति वाली परियोजनाए नरकटिया 41.25, बंजरिया 38.4 है. मध्यम स्थिति वाले क्षेत्र ढ़ाका 62.23, संग्रामपुर 60.74, रामगढ़वा 59.23, रक्सौल 58.79 इस रिपोर्ट से स्पष्ट है कि जिले के कई प्रखंडों में आंगनबाड़ी केंद्रों द्वारा समय पर बच्चों की वृद्धि निगरानी नहीं की जा रही है.

आईसीडीएस विभाग दे रखा है सभी उपकरण

आईसीडीस विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्राें पर बच्चों की वृद्वि निगरानी दर मापने के लिए वेट मशीन दिया गया है. लेकिन अधिकांश केन्द्रों पर इसका उपयोग सेविका द्वारा निजी कार्य के लिए किया जा रहा है. ऐसा ही हाल सूधा चूर्ण दूध का है जहां बच्चों से अधिक सेविका इसका वितरण अपने सगे संबधियों को पहुंचा रही है.

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By RANJEET THAKUR

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